संतों का जीवन केवल धर्म की रक्षा व सनातन संस्कृति का संवर्धन करना होता है-स्वामी हरिचेतनानंद


 हरिद्वार। सप्तऋषि भागीरथी नगर की धार्मिक संस्था बाबा हरिहर धाम का कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सन्त महात्माओं के सानिध्य मे हरिहर पीठाधीश्वर सुयज्ञमुनि महाराज की अध्यक्षता मे वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बाबा हरिहर धाम मे हरिहर पीठाधीश्वर सुयज्ञमुनि महाराज ने कहा कि बाबा हरिहर महाराज का सम्पूर्ण जीवन समाज व मानव कल्याण को समर्पित था। बाबा हरिहर महाराज के सभी संस्थाएं व प्रकल्प मानव कल्याण मे लगे हुए है और भूखे को अन्न प्यासे को पानी मानव सेवा को समर्पित है। महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानन्द महाराज ने कहा कि संतों का जीवन केवल धर्म की रक्षा व सनातन संस्कृति को संरक्षण संवर्धन करते हुए समाज का कल्याण करना होता है। महामंडलेश्वर जगदीशदास महाराज व कुम्भ मेला प्रभारी महंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि जीवन मे गुरु का बहुत बड़ा महत्व है। जब मनुष्य को चारो और अंधेरा दिखाई दे तो उसको गुरु की शरण मे जाना चाहिए। वहीं उसको जीवन का प्रकाश मिलता है। महंत दुर्गादास ने वार्षिकोत्सव के दौरान कहा कि कोविड 19 का सहारा लेकर शासन प्रशासन हरिद्वार के गंगा स्नानो पर प्रतिबंध लगाकर सनातन धर्म पर सीधा कुठाराघात कर रही है, और चुनावी रैलियां कर अपने स्वार्थ सिद्ध कर रहे हैं, जो धर्म के लिए ठीक नहीं है, कोठरी महंत दामोदर दास महाराज व महंत कमलदास महाराज ने संयुक्त रूप मे कहा कि संतों का जीवन समाज कल्याण के लिए होता है। वे अपने गुरू के बताये मार्ग पर चलकर समाज के हर वर्ग की सेवा मे समर्पित है। महंत कमलदास महाराज ने वार्षिकोत्सव मे पधारे सभी सन्त महंतो का माल्यार्पण कर स्वागत किया। वार्षिकोत्सव में श्रीमहंत देवानन्द सरस्वती, महामंडलेश्वर हरिचेतनानन्द महाराज, महामंडलेश्वर भगवत स्वरूप महाराज, महामंडलेश्वर संतोष आनंद महाराज, महंत गोविन्द दास महाराज, स्वामी केशवानन्द महाराज, बलराम मुनि महाराज, लक्ष्मण दास महाराज, प्रेमानंद महाराज, जमुना दास महाराज, शिव प्रकाश दूबे, पार्षद अनिल मिश्रा आदि ने प्रतिभाग किया। 


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