इकसठ्वें दिन भी जारी रहा तीर्थ पुरोहितों का धरना

 हरिद्वार। डा.मनोज कुमार-हरकी पैड़ी पर प्रवाहित गंगा की धारा को स्केैप चैनल घोषित करने सम्बन्धी तत्कालीन राज्य सरकार के शासनादेश को रदद् करने की मांग को लेकर तीर्थ पुरोहितों का आंदोलन बदस्तूर जारी है। शुक्रवार को हरकी पैड़ी पर तीर्थ पुरोहितों का धरना व क्रमिक अनशन इकसठवें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को सिद्धार्थ त्रिपाठी व सौरभ गौतम अनशन पर रहे। धरने को संबोधित करते हुए सौरभ सिखौला ने कहा तीर्थ नगरी हरिद्वार में गंगा, तीर्थ पुरोहित, संत समाज व अखाड़े धर्मनगरी की पहचान हैं। इन्हीं से तीर्थ नगरी का मूल स्वरूप है। तीर्थ पुरोहित ब्रिटिश शासन काल से ही माँ गंगा की मर्यादा की रक्षा करता रहा है और संत समाज व अखाड़ा परिषद का हमेशा पुरोहितों को सहयोग मिलता रहा है। गंगा को स्केप चैनल घोषित किए जाने वाले शासनादेश के विरोध में तीर्थ पुरोहितों के धरने को दो महीने से अधिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय बाद कंुभ मेला शुरू होने वाला है। ऐसे में तीर्थ पुरोहित जानना चाहते हैं कि अखाड़ों के पूज्य संत कुम्भ स्नान कहां करना पसंद करेंगे मां गंगा की अविरल निर्मल धारा में या स्कैप चैनल में। गंगा हरिद्वार की पहचान व शान है। माँ गंगा का अधिकार व सम्मान वापस मिलने तक तीर्थ पुरोहित पीछे नहीं हटेंगे। धरना देने वालों में सचिन कौशिक, उमाशंकर वशिष्ठ, हिमांशु वशिष्ठ, प्रदीप निगारे, सौरभ सिखौला, अनिल कौशिक, सिद्धार्थ त्रिपाठी, अभिषेक वशिष्ठ, वासुदेव कौशिक, नितिन कौशिक, पवन पचभैय्या, अभिषेक श्रीकुंज, सुनील चाकलान, सुशील दत्त चाकलान, अमित झा, राजीव झा, राहुल पाँडे, अनमोल कौशिक, बादल वशिष्ठ, आदित्य वशिष्ठ, देव पचभैय्या आदि पुरोहित शामिल रहे।