कुम्भ मेलाधिकारी ने किया विभिन्न घाटाों का निरीक्षण,खामियां देख दिए निर्देश

हरिद्वार। कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत ने विभिन्न घाटों का निरीक्षण कर कार्यो की गुणवत्ता को जांचा। इस दौरान उन्होनेे सर्वानंद घाट से लेकर बिरला घाट तक किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ करीब चार किलोमीटर पैदल चलकर निरीक्षण कर कार्यों को देखा। कुछ घाटों पर कार्य संतोषजनक न मिलने पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बुधवार को मेलाधिकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ सर्वानंद घाट पहुंचे। उन्होंने यहां निर्माणाधीन पुल के कार्यों को देखा इसके बाद घाट पर लगाए जा रहे एंगल और चेन के कार्यों के साथ घाट पर गंगाजल के लेबल को भी परखा। इसके बाद यहां से पंतद्वीप स्थित घाट, खड़खड़ी, भीमगोड़ा, कांगड़ा घाट, हरकी पैड़ी के आसपास घाटों पर हो रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया। इसके बाद बिरला घाट पहुंचे। यहां अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरी के साथ उन्होंने घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान मेलाधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से घाटों पर एंगल, चेन और अन्य कार्य किए जा रहे हैं। जिसको लेकर पैदल निरीक्षण किया गया। मोटे-मोटे काम लगभग पूरे हो चुके हैं। जो कुछ कार्य हैं उन्हें तीन दिन के अंदर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ घाटों पर संतोषजनक कार्य नहीं होता मिला। यहां कर्मचारी भी नहीं थे। इसको लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्थानों पर कर्मचारियों को लगाकर कार्य किया जाए। बताया कि घाटों पर ऐंगल लगाने का काम पूरा हो चुका है। चेन लगाने का काम भी सिंचाई विभाग करा रहा है। घाटों पर कुंभ में स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए ऐंगल- चेन जरूरी हैं। इसलिए इन कार्यों का बारीकी से जायजा लिया जा रहा है। कहा कि कुछ घाटों पर कपड़े सीधे गंगा में डाले जा रहे थे। जिस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल न किया जाए। निरीक्षण में अपर मेलाधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, हरबीर सिंह, रामजी शरण, उप मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, अंशु, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोज सिंह, अधिशासी अभियंता डीके सिंह, मेला अधिष्ठान तकनीकि सेल के हरीश पांगती आदि शामिल रहे।