जाट महासभा ने पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरणसिंह की 118वीं जयंती मनाई,

केन्द्र सरकार के खिलाफ निन्दा प्रस्ताव पारित

 हरिद्वार। जाट महासभा पंचपुरी ने चैधरी चरणसिंह घाट सिंहद्वार पर पूर्व प्रधानमंत्री चैधरी चरणसिंह की 118वीं जयंती मनाई। इस मौके पर लोगों ने यज्ञ का आयोजन किया, जिसमें सभी ने आहुति दी और केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि किसान हित में तीनों कृषि कानून को केंद्र सरकार को वापस लेना चाहिए। महासभा के अध्यक्ष चै. देवपाल सिंह राठी ने कहा कि चैधरी चरण सिंह का जन्मदिवस भारत में उनके अनुयायी किसान दिवस के रूप में मनाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें किसानों की आवाज बुलन्द करने वाले नेता के तौर पर देखा जाता है। कहा कि आज देश का दुर्भाग्य है कि किसान दिल्ली के चारों ओर अपनी जमीन बचाने के लिए ठंड में सड़कों पर है। लेकिन सरकार इन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए तैयार नहीं है। जाट समाज के महामंत्री धर्मेंद्र चैधरी ने यज्ञ के बाद सभा में कहा कि सन 1975 में इंदिरा गांधी ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया और चरण सिंह समेत सभी राजनैतिक विरोधियों को जेल में डाल दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने ‘अबॉलिशन ऑफ जमींदारी, ‘लिजेण्ड प्रोपराइटरशिप और ‘इंडियास पॉवर्टी एण्ड इट्स सोल्यूशंस नामक पुस्तकों का लेखन भी किया। कहा कि ये दुर्भाग्य हैं कि अपने देश मे उनकी लिखी किताबें नही पढ़ाई जाती। इस मौके पर जगपाल तोमर, नरेंद्र तेवतिया, सुरेश चैधरी, गुलबीर सिंह, सुभाष मलिक, रणवीर सिंह, अनिल चैधरी, बिजेन्द्र सिंह तोमर, राजेश वर्मा, धर्मेन्द्र सिंह, धर्मेंद्र कंचू, जयकुमार मुखिया, निरंकार सिंह राठी, अजय सोलंकी, जसवंत सिंह, हरपाल सिंह, राजपाल सिंह, राजवीर सिंह, डॉ. ममतेश चैधरी, संजय बलियान, बसंत मलिक, रकम सिंह, रविन्द्र कुमार, सतीश मलिक, जगबीर सिंह, सोहनवीर राठी, बिजेन्द्र कुमार, कुशलवीर सिंह, अनिल कुमार, सिकन्दर सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, विपिन चैधरी आदि उपस्थित रहे।