कुम्भ मेला 2021 को लेकर अखाड़ों में तैयारियां तेज,निर्मल अखाड़े में हुआ भूमि पूजन

 आगामी कुंभ मेलों में भी मिलेगा निर्माण कार्यो का लाभ-हरबीर सिंह



हरिद्वार। कुंभ मेला 2021 के तहत अखाड़ों ने तैयारियां शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में भूमि पूजन कर कुंभ निर्माण कार्यो का शुभारम्भ किया गया। अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज, कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज व अखाड़े के अन्य संतों के साथ अपर मेला अधिकारी हरवीर सिंह भी भूमि पूजन में सम्मिलित हुए। श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि कुंभ मेला सनातन संस्कृति का मुख्य पर्व है। हरिद्वार में गंगा तट पर होने वाले कुंभ मेले में देश विदेश से लाखों की संख्या में संतजन व श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। कुंभ मेले में आने वाले संतों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अखाड़े के भवन का विस्तार कर संगत भवन, कोठार भण्डार की आधारशिला रखी गयी है। संगत भवन बनने से श्रद्धालुओं व संतों के लिए आवास की सुविधाजनक व्यवस्था हो सकेगी। श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि सरकार और मेला प्रशासन द्वारा अखाड़ों में स्थाई निर्माण कार्य कराए जाने की पहल का स्वागत सभी को करना चाहिए। स्थाई निर्माण होने का सबसे ज्यादा लाभ कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने कहा कि कुंभ मेला सनातन परंपरांओं व संस्कृति का संगम है। कुंभ मेले को सकुशल संपन्न कराने में संत महापुरूषों के अलावा मेला प्रशासन की निर्णायक भूमिका है। महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने बताया कि जल्द ही कुंभ के दौरान निकलने वाली अखाड़ों की पेशवाई की शान बढ़ाने के लिए निर्मल अखाड़ें में एक नई हथिनी लायी जा रही है। नई हथिनी का नाम पवनकली ही होगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र सिंह शास्त्री महाराज ने कहा कि अखाड़े में कंुभ मेला कार्य समय से पूर्ण होने पर बाहर से आने वाले संतों को सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। अपर मेला अधिकारी हरबीर ंिसंह ने कहा कि सभी संत महंत उनके लिए पूज्यनीय हैं। सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी निधि से सभी अखाड़ों में स्थाई निर्माण व सौन्दर्यकरण के कार्य कराए जा रहे हैं। अखाड़ों में स्थाई निर्माण कार्य होने से प्रत्येक कुंभ में होने वाला खर्च बचेगा। अगले कई कुंभ तक निर्माण कार्यो का लाभ संतों व श्रद्धालुओं को मिलता रहेगा। इस दौरान महंत खेम सिंह, महंत अमनदीप सिंह, संत सुखमन सिंह, महंत निर्मल सिंह, संत तलविन्दर सिंह, संत जसकरण सिंह, संत विष्णु सिंह, महंत रंजय सिंह, विनिन्दर कौर सोढ़ी, समाजसेवी अतुल शर्मा आदि मौजूद रहे। 


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