कुम्भ में एनएसजी और बीएसएफ सहित पैरामिलिट्री फोर्स की 40कंपनियां होगी तैनात

 हरिद्वार । कुंभ मेले में चाक चैबंद सुरक्षा व्यवस्था के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की 40 कंपनियां मुस्तैद रहेंगी। इनमें एनएसजी और बीएसएफ की एंटी माइनिग स्क्वाड भी शामिल हैं। पहले चरण में पांच कंपनियां एक जनवरी को हरिद्वार पहुंच जाएगी और 14 जनवरी को होने वाले कुंभ के पहले पर्व स्नान में ड्यूटी देंगी। कुंभ की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इस बार व्यवस्था साल 2010 के कुंभ से भी ज्यादा मजबूत होगी। दूसरे चरण में एक फरवरी को सात कंपनी पहुंचेगी। जिसमें सीआरपीएफ और बीएसएफ की दो-दो और आइटीबीपी, एसएसबी और सीआइएसएफ की एक-एक टीमें शामिल होगी। एक मार्च को 12 कंपनी पहुंचने वाली है। जिसमें सीआरपीएफ और बीएसएफ की तीन तीन कंपनी और आइटीबीपी, एसएसबी और सीआइएसएफ की दो दो कंपनी आनी तय है। अंतिम और चैथे चरण में 10 मार्च को सबसे अधिक 16 कंपनी हरिद्वार आएगी। जिसमें सीआरपीएफ की चार, बीएसएफ की चार और एसएसबी और सीआइएसएफ की तीन तीन टीमें और आइटीबीपी की दो कंपनी शामिल होंगी। इनकी रहने की व्यवस्थाएं भी अभी से शुरू कर दी गई है। दीवार पर रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंग सहित संपूर्ण रामायण की झांकी को आकर्षक तरीके से सचित्र उकेरा जा रहा है। कुंभ मेला आइजी संजय गुंज्याल ने बताया कि कुंभ में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पैरामिलिट्री फोर्स की 40 कंपनियां अलग-अलग चरणों में एक जनवरी से 10 मार्च तक हरिद्वार पहुंचेंगी। पैरा मिलिट्री फोर्स को हरिद्वार के शहरी क्षेत्र में भी तैनात किया जाएगा। इसमें पैरामिलिट्री फोर्स में एनएसजी और बीएसएफ की एंटी माइनिग स्क्वायड की दो-दो टीमें आएगी। जबकि चार बीडीएस की टीमें भी आ रही हैं। बीडीएस की एक कंपनी एक जनवरी को पहुंच जाएगी। दूसरी ओर महाकुंभ के लिए करीब एक हजार पुलिसकर्मी हरिद्वार पहुंच चुके हैं। जिनसे अभी केवल कुंभ क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन और अतिक्रमण हटाने जैसे कार्य लिए जा रहे हैं। चूंकि अभी पुलिस लाइन वजूद में नहीं आई है। इसलिए पुलिसकर्मियों को 40वीं वाहिनी पीएसी, भेल के आवासों और कुछ धर्मशालाओं में ठहराया गया है। जबकि पुलिस अधिकारियों को एचआरडीए की आवासीय योजना के तहत बने फ्लैट में रहने की जगह दी गई है। पैरा मिलिट्री फोर्स आने पर उनके लिए अलग से रहने की व्यवस्था की जाएगी।