किसान आंदोलन के समर्थन में वाम मोर्चा ने दिया सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना

 हरिद्वार। सीपीआई और सीपीआई (एम) ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में धरना दिया। राष्ट्रपति से कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग उठाई। सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल को राष्ट्रपति के नाम एक छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। सीपीआई के जिलाध्यक्ष विजय पाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून बनाकर खेती करने वाले किसान और इससे प्रभावित होने वाले आम नागरिकों को आंदोलन करने को बाध्य किया है। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन किसानों को समर्थन करता है। कहा कि नए कृषि कानून को निरस्त करते हुए कृषि कानूनों के लिए नया मसौदा तैयार किया जाए। कृषि कानूनों में गारंटीशुदा न्यूनतम मूल्य को समायोजित किया जाए। न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करने पर कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान किया जाए। सीपीआई (एम) के जिला मंत्री आरसी धीमान ने कहा कि अनाज की खरीद करने वाले संस्थानों, व्यक्तियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाए। सरकारी गैर सरकारी मंडी या संस्थानों पर समान टैक्स प्रणाली लागू की जाए। जिससे सरकारी मंडी और निजी संस्थानों में प्रतिस्पर्धा बनी रहे, लेकिन सरकारी मंडी को घाटा या बंद होने के खतरे से बाहर निकाला जा सके। कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम पूर्व की तरह यथावत रखा जाए। जिससे खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी-मुनाफाखोरी व काला बाजारी पर रोक लगाई जा सके। धरना देने वालों में एमएस त्यागी, आरपी जखमोला, साकेत वशिष्ठ, पीडी बलोनी, मुनिरिका यादव, कालू राम जैयपुरिया, डीपी रतूडी, टीके वर्मा, इमरत सिंह, संदीप चैधरी, राजकुमार, विक्रम सिंह नेगी, रवि राय, टीके वर्मा, एमएस वर्मा, एके दास, केके प्रसाद, सुरेंद्र, विशाल, विरेंद्र नेगी आदि शामिल रहे।


Comments