खाली सड़को पर चैपहिया वाहनों का खड़ा होना बन सकता है विवाद का कारण

 

हरिद्वार। चैपहिया वाहन मालिक खाली सडको पर अपने वाहनो को खड़ा करने का अनाधिकृत रूप से प्रयोग कर रहे है। सडको के किनारे पर दर्जनो वाहन खडे करने से यातायात पर प्रतिकुल असर पड रहा है। आये दिन लोगो की नोकझोक वाहन खडे करने को लेकर होना आम बात हो रही है। निजी वाहनो की बढती संख्या पार्किग स्थल ना होना ज्वालापुर उपनगरी एंव हरिद्वार की सडको की सबसे बडी समस्या बनती जा रही है। खाली सडके वाहन पार्किग के रूप मे इस्तेमाल किये जाने के चक्कर मे आये दिन ऐसे स्थल विवाद का केन्द्र बनते जा रहे है। कुछ वाहन स्वामी खाली सडको पर जबरदस्ती घंटो के हिसाब से अपने वाहनो को सडको के किनारे लगा जाते है। अघिकांश खाली स्थल वाहन पार्किग को लेकर विवाद को उत्पन्न कर रहे है। ज्वालापुर के जटवाडा पुल, ऊची सडक, आर्यनगर चैक,रेलवे चैकी मार्ग,प्रेम नगर नये पुल, के अलावा बंद पडे अशोका टाॅकिज स्थल पर अनाधिकृत रूप से दर्जनो चैपहिया वाहन घंटो के हिसाब से खडे रहते है। अपर रोड, हरकी पौड़ी भी अनाधिकृत वाहनों की चपेट में है। व्यापारी संजय त्रिवाल का कहना है कि कुंभ निधि से खाली पड़ी सरकार की भूमि पर पार्किंग स्थल बनाये जाने चाहिये। बाहर से आने वाले यात्रियों व श्रद्धालुओं को सुविधाये ंमिल सकें। जबकि कुछ वाहन चालक तो खाली सडको के किनारो को वाहनो की बुकिंग स्थल के रूप मे इस्तेमाल कर रहे है। सडको के यातायात को सुचारू रूप प्रदान करने मे जुटी सीपीयू पुलिस भी ऐसे वाहन चालको व वाहान स्वामियो पर कोई कार्यवाही नही कर रहीे है। अनाधिकृत रूप से वाहन सडको पर खडे करने वालो की संख्या बढती ही जा रही है। सडको के किनारो पर लगाये जा रहे वाहनो से व्यापारी भी तंग आ चुके है। गौरतलब यह भी है। कि धर्मनगरी मे वाहन पार्किग स्थल ना होना सबसे बडी समस्या बनता जा रहा है। जनप्रतिनिधियो को वाहन पार्किग स्थल ना होने की परेशानियो के हल तलाशने होगे वरना कभी भी बडा विवाद उत्पन्न हो सकता है।