महिलाओं व बच्चियों के खिलाफ आपराधिक घटनाओं की समय सीमा में जांच हो

 

हरिद्वार। पूर्व राज्य मंत्री हाजी नईम कुरैशी के आवास पर हुई बैठक में मुस्लिम समाज के मुअज्जि लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर नगर कोतवाली क्षेत्र में दरिंदगी का शिकार हुई नाबालिग बेटी को श्रद्धांजलि दी। दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की। इस दौरान हाजी नईम कुरैशी ने कहा कि उत्तराखण्ड में कानून व्यवस्था पूरी तरह दयनीय हो चुकी है। हरिद्वार जैसी विश्व विख्यात धर्मनगरी में नाबालिग बेटी के साथ हुई घटना ने पटरी से उतर चुकी राज्य की कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। महिलाओं व नाबालिग कन्याओं के खिलाफ आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। महिलाओं व बच्चियों के खिलाफ होने वाली आपराधिक घटनाओं की एक समय सीमा में जांच व न्याय दिए जाने का प्रावधान किया जाना चाहिए। जिससे महिलाओं व बालिकाओं के प्रति आपराधिक सोच रखने वालों में भय पैदा हो। पूर्व राज्य मंत्री मकबूल कुरैशी व हाजी रफी खान ने कहा कि बालिका के हत्यारों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन को अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई कर जल्द से जल्द दिलाए। मकबूल कुरैशी ने कहा कि सभी धर्म समुदाय के लोग पीड़ित परिवार के साथ हैं। पुलिस प्रशासन को भी जांच का दायरा बढ़ाकर अन्य पहलुओं को फोकस करना चाहिए। पार्षद जफर अब्बासी व रियाज अंसारी ने कहा कि नाबालिग बेटी के साथ अनाचार कर उसकी हत्या करने वाले अपराधियों को कड़े से कड़ा दण्ड मिलना चाहिए। इस अवसर पर शाहनवाज मंसूरी, छम्मन पीरजी, गालिब कुरैशी, आरिफ कुरैशी, तस्लीम कुरैशी, नाहिद कुरैशी, जमशेद सलमानी, सुभान, रिजवान, मकबूल, शगीर अंसारी, आरिफ, तस्लीम, हाजी नसीम, मनव्वर कुरैशी, सुहेल अख्तर, तासीन, शहाबुद्दीन अंसारी आदि सहित कई लोग मौजूद रहे।