आरटीआई कार्यकत्र्ता की मौत के मामले की कांग्रेस नेताओ ने जांच की मांग

 हरिद्वार। सदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मरने वाले पंकज लांबा पेशे से कांट्रेक्टर सुमन नगर निवासी पंकज लांबा कांग्रेस अनुसूचित विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। बताया जाता है कि शनिवार की देर रात्रि पंकज लांबा के पार्टी में शामिल थे। वहां उनकी स्वयं की लाईसेंसी रिवाल्वर से गोली लगने से घायल होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार पार्टी में शामिल दो नाबालिग बच्चियों के गोली चलाने से लांबा की मौत हुई है। पुलिस ने दोनो बच्चियों व एक युवक को गिरफ्तार करने के बाद आगे की जांच की जा रही है। आरटीआई कार्यकर्ता पंकज लांबा ने करोड़ों रूपए के छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया था। जिसके बाद कई कालेजों पर कार्रवाई तथा गिरफ्तारियां हुई थी। दूसरी और पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में मौजूद लांबा के परिजनों व दलित समाज के कार्यकर्ताओं ने लांबा की साजिशन हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पंकज लांबा के भाई अरूण कुमार ने कहा कि पंकज ने छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसीलिए साजिश के तहत उनकी हत्या की गयी है। नाबालिग बच्चियों को आगे आकर वास्तविक दोषियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी की। चमार वाल्मिीकि महासंघ के नेता भंवर सिंह, भेल श्रमिक नेता सीपी सिंह व कांग्रेस नेता तीर्थपाल रवि ने भी पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जांच में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए। जो दोषी हैं उन्हें खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस नेता महेशप्रताप राणा व अशोक उपाध्याय ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। यदि किसी को बचाने का प्रयास किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने पर बाध्य होंगे। वही दूसरी ओर कांग्रेस अनुसूचित विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज लांबा की गोली लगने से मौत के बाद शहर के किसी कांग्रेस नेता के नहीं पहुंचने पर दलित संगठनों के प्रतिनिधियों ने कड़ी रोष व्यक्त किया है। प्रतिनिधियों का कहना है कि बेहद शर्मनाक है कि कांग्रेस के एक पदाधिकारी की मौत होने के बाद भी भेल कांग्रेस नेताओं के अलावा महानगर कांग्रेस का कोई भी नेता अस्पताल नहीं पहुंचा।



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