अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने की बेव सीरिज पर रोक लगाने की मांग

 हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने प्रैस को जारी बयान में आश्रम वेब सीरिज पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वेब सीरिज में दर्शायी गयी संतों व आश्रम अखाड़ों की छवि को धूमिल करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि संत महापुरूषों की गौरवशाली परंपरांओं को ठेस पहुंचाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि आदि अनादि काल से संत परंपरां सनातन धर्म की वाहक है। लेकिन आश्रम वेब सीरिज में संतों की मान मर्यादाओं को ठेस पहुंचायी गयी है। जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि आश्रम वेब सीरिज के प्रसारण पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए। पाश्चात्य संस्कृति को वेब सीरिज के माध्यम से दिखाया जा रहा है। देश व समाज में गलत संदेश पहुंचता है। मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि वेब सीरीज आश्रम पूरी तरह से समाज में दुष्प्रभाव दर्शाने वाली फिल्म है। ऐसी फिल्मों पर राज्य व केंद्र सरकार को प्रभावी रूप से कदम उठाकर रोक लगानी चाहिए। वेब सीरीज से समाज में गलत संदेश जा रहा है। आश्रम अखाड़ों की पंरपरांओं का हृास किया जा रहा है। लेकिन आश्रम वेब सीरीज में संतों की मान मर्यादाओं को तार तार किया जाना न्यास संगत नहीं है।श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर म.म.स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि मात्र पैसे के लालच में वेब सीरीज का प्रसारण किया जा रहा है। धन अर्जित करने के लिए भारतीय परंपरांओं को निशाना बनाकर दर्शाना गलत है। उन्होंने आश्रम वेब सीरीज के प्रसारण पर कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि कम उम्र के युवा ऐसी फिल्मों से गलत सीख लेंगे। म.म.स्वामी हरिचेतनानन्द महाराज ने कहा कि संत समाज ने सदैव ही भावी पीढ़ी को संस्कारवान बनाकर सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। ऐसी फिल्मों द्वारा संतों की छवि को धूमिल किया जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसी फिल्मों के प्रसारण पर स्वयं हस्तक्षेप कर रोक लगाने में अग्रणी भूमिका निभाएं। स्वामी कपिल मुनि, महंत रूपेंद्र प्रकाश, महंत निर्मलदास, मुखिया महंत दुर्गादास, स्वामी ऋषिश्वरानन्द, कोठारी महंत जसविन्दर सिंह, स्वामी राजेंद्रानंद, स्वामी ऋषि रामकृष्ण, श्रीमहंत साधनानन्द, स्वामी सोमेश्वरानन्द, श्रीमहंत संपूर्णानन्द ब्रह्मचारी, महंत लखन गिरी, स्वामी रामेश्वरानन्द गिरी आदि संतों ने भी वेबसीरिज की निंदा की। 


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