सम्रग शिक्षा को लेकर जिलाधिकारी ने ली अधिकारियों की बैठक

 हरिद्वार। जनपद में समग्र शिक्षा की कार्ययोजना को लेकर जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने सम्बन्धित अधिकारियों की बैठक ली।  बैठक मंे जिलाधिकारी ने अधिकारियों से बजट व्यय के सम्बन्ध में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही निदेशालय से बजट जारी होता है, वैसे ही तुरन्त विद्यालयों को जारी हो जाता है। जिलाधिकारी ने आवंटित बजट के सापेक्ष कम व्यय की स्थिति पर नाराजगी जताते हुये निर्देश दिये कि सम्बन्धित का स्पष्टीकरण लिया जाय तत्पश्चात कार्रवाई की जाये। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि सभी माध्यमिक विद्यालयों में नौ से तीन बजे तक कक्षायें चल रही हैं, जिनमें छात्रों की उपस्थिति 24 प्रतिशत के लगभग है, जमातपुरकलां में तो छात्रों की उपस्थिति शत-प्रतिशत है। सभी अध्यापक उपस्थित रहते हैं। उन्होंने छात्रों की आॅनलाइन कक्षाओं के सम्बन्ध में बताया कि आॅनलाइन कक्षायें हमारी लगातार चल रही हैं, जो वर्तमान में 80 प्रतिशत के करीब है। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर ऊधम सिंह नगर के माॅडल-जिसमें एक स्कूल को कोई कम्पनी या संस्था गोद लेती है, का जिक्र करते हुये कहा कि यह माॅडल भी अच्छा है। जिलाधिकारी ने शिक्षा के क्षेत्र में अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन के द्वारा किये जा रहे योगदान की भी प्रशंसा की। अध्यापकों के महत्व को इंगित करते हुये जिलाधिकारी ने पिथौरागढ़ के मुनस्यारी की एक छात्रा का उदाहरण देते हुये कहा कि उसको हमने कई चीजें देने की बात कही, लेकिन उस छात्रा ने कहा कि अगर आपको देना ही है तो हमारे स्कूल को एक अध्यापक दे दीजिये। जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने बैठक में अधिकारियों से आवासीय विद्यालय, आउट आॅफ स्कूल चिल्ड्रन, विकलांग बच्चे, मीड-डे-मील आदि के सम्बन्ध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे स्कूलों का निरीक्षण करें, उसकी रिपोर्ट प्रमाण पत्र सहित जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करें अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जायेगी। बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी  आनन्द भारद्वाज, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।


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