प्रबंधन और ठेकेदारों की मिलीभगत हो रहा मजदूरों का उत्पीड़न और अधिकारों का हनन-सिंघल

 हरिद्वार। भारतीय मजदूर संघ हरिद्वार की जिला कार्यकारिणी की बैठक में मजदूरों की समस्याओं को लेकर विचार विमर्श किया गया। इसके साथ ही प्रदेश अधिवेशन को लेकर चर्चा की गई। रविवार को भेल सेक्टर एक स्थित कार्यालय पर भारतीय मजदूर संघ के जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। बैठक का संचालन जिला महामंत्री सुमित सिंघल और अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डीसी नौटियाल ने की। सुमित सिंघल ने कहा कि श्रम कानून और मजदूरों की मांगों पर प्रबंधन और ठेकेदारों की मिलीभगत के कारण मजदूरों का उत्पीड़न और उनके अधिकारों का हनन किया जा रहा है। आज हरिद्वार जिले में कई उद्योग ऐसे हैं जिसमें प्रबंधन एवं ठेकेदार श्रमिकों को उनको वेतन समय पर नहीं दे रहे हैं। कई उद्योगों में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा जैसे ईएसआई, पीएफ, ग्रेच्युटी, बोनस आदि की सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि श्रम कार्यालय में भी श्रमिकों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। श्रम अधिकारी भी फैक्ट्री प्रबंधन का पक्ष लेते हैं। जिससे श्रमिकों का उत्पीड़न और बढ़ रहा है। कई सरकारी विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से श्रमिकों से कार्य कराया जाता है। लेकिन उन्हें न्यूनतम वेतन व अन्य जरूरी चीजें भी उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। प्रदेश में स्थानीय श्रमिकों को 70ः रोजगार देने का प्रावधान है। लेकिन शायद ही कोई ऐसा उद्योग हो है जिसमें ऐसी व्यवस्था का पालन किया जा रहा हो। कहा कि दिन प्रतिदिन बढ़ रहे मजदूरों के उत्पीड़न को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम कानूनों को ताक पर रखकर काम करने वाले ठेकेदार व कंपनियों के खिलाफ कानूनी कराने को लेकर लड़ाई लड़ी जाएगी। जल्द ही श्रम अधिकारियों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड के स्थानीय लोगों को 70 फीसदी रोजगार देने की व्यवस्था को जल्द से जल्द कानून में बदले जाने की मुख्यमंत्री से मांग की। जिलाध्यक्ष डीसी नौटियाल ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले प्रदेश अधिवेशन को सभी कार्यकर्ता जुट जाएं। बैठक में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनिल राठी, जिला उपाध्यक्ष हरीश तिवारी, जिला सहमंत्री चंद्रशेखर चैहान, जिला उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी, पवन कुमार, ललित पुरोहित, प्रदीप कुमार, संतोष मिश्रा, पवन राजपूत, पृथ्वी सिंह, अमित कौशिक, महेंद्र सिंह, नरेंद्र मेहता, सुनील कुमार आदि उपस्थित रहे।