प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत गांवों के संबंध में जिलाधिकारी ने की समीक्षा

 हरिद्वार। जिलाधिकारी सी0 रविशंकर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अन्तर्गत गठित जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कुल 50 आदर्श गांवों में से 49 गांवों को भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। शेष एक गांव को भी जल्दी ही अपलोड कर दिया जायेगा। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों प्रशंसा की और कहा कि अब आपकी असली परीक्षा इन गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने में है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि प्रत्येक अधिकारी को दो गांवों की जिम्मेदारी आदर्श गांव बनाने की सौंपी जाये ताकि उन गांवों के सम्बन्ध में जो भी जानकारी लेनी होगी, उसी अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे आदर्श गांवों के लिये जो प्रथम किश्त प्राप्त हुई है, उसकी सभी औचारिकतायें पूर्ण करने के पश्चात, उसे जारी करें। ज्ञातव्य है कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना  का मुख्य उद्देश्य 50 प्रतिशत से अधिक अनु0जाति जनसंख्या वाले चयनित गांवों का एकीकृत विकास सुनिश्चित करना है। इसके अन्तर्गत ’’आदर्श’’ ग्राम’’ एक ऐसी परिकल्पना है, जिसमें लोगों को विभिन्न बुनिवादी यथा-पेयजल एवं स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, समाज सुरक्षा, ग्रामीण सड़कें एवं आवास, विद्युत एवं स्वच्छ ईंधन, कृषि, वित्तीय समावेश, डिजिटलीकरण जैसी सेवायें देने की परिकल्पनायें की गयी हैं, जिससे समाज के सभी वर्गों की न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति हो और असमानतायें कम से कम रहें। गांव विकास योजना का उद्देश्य चुने गांवों का आदर्श ग्राम के रूप में लगभग 5 वर्ष की समय सीमा में विकास करने के लिये व्यापक, वास्तविक और व्यावहारिक रूप रेखा तैयार करना है।  बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर, मुख्य जिला विकास अधिकारी पुष्पेन्द्र सिंह चैहान, उद्यान अधिकारी नरेन्द्र यादव सहित सम्बन्धित विभागों के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 


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