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मेलाधिकारी ने उदासीन अखाड़ा पहुचकर की नाराज संतो को मनाने की कोशिश

 

हरिद्वार। शहर के व्यस्ततम चैराहों में से एक रानीपुर मोड़ स्थित चंद्राचार्य चैक पर भगवान श्री चंद्र की मूर्ति हटाने के बाद धरने पर बैठे संतो को मनाने के लिए रविवार को मेला अधिकारी दीपक रावत अखाड़ा पहुंचे। जहां पर उन्होने मामले के सम्बन्ध में संतो से बात कर उनकी नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया। बताते चले कि इन दिनों हरिद्वार में होने वाले कुंभ 21 से पहले 16 चैराहों का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। सौन्दर्यकरण के दरम्यान 4 दिन पूर्व रातों-रात चैराहे से भगवान श्री चंद्र की प्रतिमा हटा दी गई थी,जिसके बाद बड़ा उदासीन अखाड़ा के संत नाराज होकर धरने पर बैठ गए थे। बड़ा उदासीन अखाड़ा के संतों का कहना था कि भगवान श्री चंद्र उनके इष्ट देव है और यह सीधे-सीधे उनके इष्ट देव का अपमान है। लिहाजा चैराहे पर तुरंत भगवान श्री चंद्र की मूर्ति लगवाई जाए और मूर्ति अखाड़े को बिना विश्वास में लिए किन परिस्थितियों में हटाई गई इसकी भी उच्चस्तरीय जांच की जाए। मौके पर पहुंचे मेलाधिकारी दीपक रावत ने संतों को मनाने की कोशिश की और आश्वासन दिया कि जल्द ही भगवान श्री चंद की प्रतिमा यहां पर लगाई जाएगी। यही नहीं किन परिस्थितियों में रातों-रात मूर्ति हटाई गई इसकी भी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। जिसके बाद संतों का गुस्सा शांत हुआ। हालांकि संतो ने भव्य प्रतिमा लगवाए जाने तक मौके पर डटे रहने की और भविष्य में ऐसा ना होने की भी चेतावनी दी।


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