मकर संक्रान्ति स्नान को लेकर मेेले में तैनात पुलिसकर्मियों की अधिकारियों ने की ब्रीफिंग

हरिद्वार। मेला आईजी संजय गुंज्याल ने कहा कि पुलिसकर्मी अपने आप को मेला ड्यूटी एक्सपर्ट समझकर ड्यूटी न करें। उन्होंने कहा कि मेले का इतिहास गवाह है, जब भी कोई हादसा हुआ है, नई जगह हादसा हुआ है। इसलिए सभी को सतर्कता और विवेक के साथ ड्यूटी करनी होगी। कहा कि कभी भी ये सोचकर ड्यूटी न करें कि हम कई बार मेला ड्यूटी कर चुके हैं। बुधवार दोपहर भल्ला इंटर कॉलेज स्टेडियम में मेला पुलिसकर्मियों को अधिकारियों ने स्नान की ड्यूटी को लेकर ब्रीफ किया। ब्रीफिंग के बाद पुलिसकर्मियों ने अपनी अपनी ड्यूटी प्वाइंट संभाल लिए हैं। इस मौके पर आईजी कुंभ मेला संजय गुंज्याल ने कहा कि ड्यूटी के दौरान खुद भी कोरोना से बचाव के सभी उपाय अपनाएं और आने वाले श्रद्धालुओं से भी कोविड संबंधित नियमों का पालन करवाएं। एसएसपी मेला जन्मजेय प्रभाकर खंडूरी ने कुंभ एवं अन्य मेलों के दौरान हुई दुर्घटनाओं का इतिहास बताते हुए पुलिस बल को ब्रीफ किया। समझाया गया कि यह जरूरी नहीं की कोई दुर्घटना तभी हो जब लाखों की भीड़ कहीं इकट्ठा होगी, दुर्घटना तो कम भीड़ में हो जाती है। इसलिए दुर्घटना का कारण अधिक भीड़ नही बल्कि भीड़ का गलत प्रबंधन और लापरवाही होता है। अतः आवश्यक है कि ड्यूटी में लगने वाला समस्त पुलिस बल अपने-अपने ड्यूटी स्थल से सम्बंधित अपना-अपना कर्तव्य और यातायात प्लान अच्छे से जान समझ लें। एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने कहा कि मकर संक्रांति प्रथम स्नान पर्व है। इस पर्व से काफी हद तक आगामी कुम्भ मेले की दिशा, दशा और स्वरूप का अनुमान लग सकेगा। इसलिए सभी लोग इस स्नान पर्व को आगे आने वाले मुख्य स्नान पर्वों का अभ्यास मानते हुए पूरी मेहनत, सतर्कता और समर्पण के साथ अपनी ड्यूटी करें। एसपी ट्रैफिक आयुष अग्रवाल ने पुलिस बल को मकर संक्रांति स्नान पर्व की यातायात व्यवस्था से अवगत कराया गया। एएसपी संचार मुकेश ठाकुर ने मेले के दौरान बनाई गई पुलिस संचार व्यवस्था की जानकारी दी। गंगा मैया की जय के गगनभेदी जयघोष के साथ ब्रीफिंग का समापन हुआ। ब्रीफिंग में अर्धसैनिक बल, नागरिक पुलिस, घुड़सवार पुलिस, संचार पुलिस, उत्तराखंड पीएसी, एनएसजी, अभिसूचना शाखा, होमगार्ड्स आदि के अधिकारी-कर्मचारीगण द्वारा प्रतिभाग किया गया।