नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती पर गोष्ठी का आयोजन

 हरिद्वार। मानव अधिकार संरक्षण समिति हरिद्वार द्वारा सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष मधुसूदन आर्य ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों में से एक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस थे। महान स्वतंत्रता सेनानी और भारत माता के सच्चे सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन करता हूँ। राष्ट्र देश की आजादी के लिए उनके त्याग और समर्पण को सदा याद रखेगा। जिला अध्यक्ष राजीव राय ने कहा आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। देश के स्वाधीनता आंदोलन के नायकों में से एक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को केंद्र सरकार ने पराक्रम दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया है। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा. जैसे नारों से आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा देने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 को उड़ीसा के कटक शहर में हुआ था। नेताजी की जीवनी और कठोर त्याग आज के युवाओं के लिए बेहद ही प्रेरणादायक है। जिला सचिव विमल गर्ग ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125वें जयंती वर्ष के समारोहों के शुभारंभ के अवसर पर उनको सादर नमन। उनके अदम्य साहस और वीरता के सम्मान में पूरा राष्ट्र उनकी जयंती को ‘पराक्रम दिवस‘ के रूप में मना रहा है। नेताजी ने अपने अनगिनत अनुयायियों में राष्ट्रवाद की भावना का संचार किया। राष्ट्रिय महामंत्री लायन एस आर गुप्ता ने कहा कि उनकी देशभक्ति और बलिदान से हमें सदैव प्रेरणा मिलती रहेगी। उन्होंने आजादी की भावना पर बहुत बल दिया और उसे मजबूत बनाने के लिए हम पूर्णतया प्रतिबद्ध हैं। बैठक  में नरेंद्र बंसल, सरोज बंसल, कमला अग्रवाल, कमला जोशी, गोपाल शर्मा, ललित शर्मा, प्रेमप्रकाश श्रीवास्तव, रेखा नेगी, वीरेंद्र विश्नोई, पंकज कौशिक, सुरेश विषनोई, सतीश अग्रवाल, हेमंत सिंह नेगी, इत्यादि उपस्थित रहे।