श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से मन को परम शांति मिलती है

 


हरिद्वार। ज्वालापुर पांडेयवाला स्थित श्रीजी बैंक्वेट हॉल में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं. ब्रह्मरात हरितोष एकलव्य ने भीष्म उपदेश, परीक्षित उत्पत्ति, शुकदेव चरित्र का वर्णन किया। ब्रह्मरात सत्संग सेवा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में मुख्य यजमान के रूप में प्रदीप शर्मा, श्रीमोहन अधिकारी, प्रमोद शर्मा रहे। मुख्य यजमानों ने कथा व्यास का तिलक कर पूजन किया। कथा का महत्व बताते हुए 14 वर्षीय बाल कथा व्यास पं. ब्रह्मरात हरितोष एकलव्य ने कहा कि हर व्यक्ति को समय निकालकर भागवत का श्रवण अवश्य करना चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से बड़े से बड़े कष्ट दूर हो जाते हैं। भागवत के श्रवण से मन को परम शांति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि अवश्य ही कोरोना से पूरे संसार को मुक्ति मिलेगी। भागवत का आश्रय करने वाला कोई भी दुखी नहीं होता है। भगवान शिव ने सुखदेव बनकर सारे संसार को भागवत सुनाई है। प्रदीप शर्मा ने कहा कि सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कलियुग में मनुष्य को अगर कोई दुख, दरिद्र और कष्टों से दूर कर सकता है तो वह भागवत कथा का श्रवण ही है। कथा से मनुष्य को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। वहीं दूसरे दिन बैंक्वेट हॉल में कथा सुनने के लिए सैकड़ों लोग मौजूद रहे। कथा व्यास के साथ नीरज गिरि, टीनू राणा, राजन, सन्नी राणा, बिन्नू राणा आदि रहे। इस अवसर पर कौशल शर्मा, कपिल हरितोष, आलोक हरितोष, करण अधिकारी, संजीव गुप्ता आदि उपस्थित रहे। 


Comments