दो महीने से वेतन नही मिलने से नाराज श्रमिकों ने श्रमायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन

 हरिद्वार। सिडकुल की एक कंपनी ने अपने एक हजार से अधिक श्रमिकों को दो माह का वेतन नहीं दिया। श्रमिकों ने सहायक श्रमायुक्त कार्यालय रोशनाबाद में धरना प्रदर्शन किया। श्रमिकों का आरोप है कि दिसंबर माह के अंत में कंपनी को बंद कर दिया गया है। श्रमिक कंपनी जाते हैं तो वहा मुख्य गेट पर ताला लगा मिलता है। वहीं श्रम विभाग के अधिकारी का कहना है कि कंपनी बंद नहीं हुई है, अगर कंपनी बंद होती तो उनको सूचना मिल गई होती। कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों की सोमवार को वार्ता भी होनी थी। लेकिन कंपनी प्रबंधन से संपर्क नहीं हो पाया है। सोमवार को सिडकुल की एक कंपनी के सैकड़ों श्रमिक सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय रोशनाबाद पहुंचे हैं। यहां पर कंपनी प्रबंधन और श्रमिकों की तारीख लगाई गई थी। श्रमिक तो कार्यालय पहुंच गए, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से दोपहर तक भी कोई नहीं पहुंचा। श्रमिक कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर श्रम आयुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। जसवीर सिंह, अजीत कुमार कश्यप, दीपांकर, गौतम कश्यप, बिटटू, संदीप कुमार, पुष्कर, सचिन कुमार, अमित, अखिलेश कुमार, सोनू आदि का कहना है कि कंपनी के तीन प्लांटों में लगभग बारह सौ श्रमिक काम कर रहे थे। इनमें 125 स्टाफ भी शामिल हैं। जिनको वेतन नहीं दिया गया। श्रमिकों का कहना है कि जब कंपनी बंद करनी थी तो श्रमिकों को नोटिस क्यों नहीं दिया गया। श्रमिकों का कहना है कि अक्टूबर माह में कुछ श्रमिकों को कंपनी की ओर से वेतन दिया गया था। लेकिन नवंबर एवं दिसंबर माह का कंपनी ने वेतन जारी नहीं किया। दो माह से श्रमिक घर पर खाली बैठे हैं। उन्हें सिडकुल की अन्य कंपनियों में काम नहीं मिल पा रहा है। जिस कारण श्रमिक भुखमरी की कगार पर पहुंच कर चुके हैं। किराएदार का किराया नहीं पहुंच रहा है और राशन वाला पैसे मांग रहा है। श्रमिकों का कहना है कि जब कंपनी ने उन्हें पैसा नहीं दिया तो वह किसको पैसा लौटाएं।