संत समाज ने दी ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश महाराज को श्रद्धांजलि


 हरिद्वार। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि धर्मसत्ता एवं राजसत्ता के समन्वय से ही देश उन्नति की ओर अग्रसर होता है। संतों का जीवन सदैव राष्ट्र कल्याण के लिए समर्पित रहता है। संतों के आशीर्वाद से ही आगामी कुंभ मेला दिव्य व भव्य रूप से संपन्न होगा। प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में आयोजित ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश महाराज के श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि संतों के सानिध्य में व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता है। वह सौभाग्यशाली हैं कि समय समय पर उन्हें संतों का आशीर्वाद प्राप्त होता रहता है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक महान संत थे। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज अपने गुरू के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए उनके अधूरे कार्यो को आगे बढ़ा रहे हैं। कार्यक्रम को अध्यक्षीय पद से संबोधित करते हुए निर्मल पीठाधीश्वर श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह महाराज ने कहा कि संतों का जीवन सदैव परमार्थ को समर्पित रहता है। ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश महाराज एक दिव्य महापुरूष व त्याग व तपस्या की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। सनातन धर्म व भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि वे भाग्यशाली हैं कि उन्हें गुरू के रूप में ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश जैसी महान विभूति का सानिध्य प्राप्त हुआ। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने स्वामी गुरूदेव प्रकाश को शिष्य बनाए जाने की घोषणा भी की। जयराम पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी हंसप्रकाश महाराज तपस्वी संत व समाज के प्रेरणा स्रोत थे। उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए मानव सेवा के प्रति समर्पित रहना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। स्वामी गुरूदेव प्रकाश महाराज ने कहा कि संत महापुरूषों मुझे जो जिम्मेदारी है उसका सच्चे मन से निर्वाह करते हुए संत समाज की सेवा में जीवन समर्पित रखूंगा। गुरूदेव के बताए मार्ग पर चलते हुए उनके सपनों को साकार करूंगा। कार्यक्रम में म.म.स्वामी हरिचेतनानंद, मुखिया महंत दुर्गादास, बाबा हठयोगी, महंत जसविन्दर सिंह, स्वामी विवेकानन्द सरस्वती, महंत सत्यव्रतानन्द, महामनीषी निरंजन स्वामी, महंत श्यामप्रकाश, महंत विनोद महाराज, महंत जमनादास, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, महंत प्रेमदास, म.म.स्वामी प्रेमानंद गिरी, स्वामी संतोषानंद देव, महंत श्रवण मुनि, महंत सच्चिदानंद, स्वामी दिनेश दास, महंत मोहन सिंह, महंत तीरथ सिंह, म.म.स्वामी कपिलमुनि, राज्यमंत्री विनोद आर्य, नरेश शर्मा, आरएसएस नेता पदम सिंह, विकास तिवारी, यूपी के मंत्री भूपेंद्र सिंह, समाजसेवी मोनू त्यागी, भाजपा अनूसूचित मोर्चा के जिला अध्यक्ष तेलुराम प्रधान, विक्रम भुल्लर आदि सहित बड़ी संख्या में संत महापुरूष व गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 


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