पूर्व सीएम रावत ने की रेल हादसे में पीड़ितो के परिजनों से मिलकर दी सात्वंना

 

हरिद्वार। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हर की पैड़ी पर मां गंगा की पूजा अर्चना कर सीतापुर रेल हादसे में मारे गए चारों युवकों को श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा शांति की कामना की। इसके बाद उन्होंने ने चारों युवकों के परिजनों से मिलकर सांत्वना भी दी। इस दौरान हरीश रावत ने राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार की गलती से चारों नौजवानों की असामयिक और निर्मम मौत हुई है। यदि सरकार गलती ना करती तो चारों नौजवान आज हमारे बीच होते। चार होनहार नौजवानों का असमय संसार से चले जाना बड़ी क्षति है। जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता। बिना किसी मुनादी और ग्राम सभा को सूचित किए बगैर ही तेज गति ट्रेन का ट्रायल किया गया। जिससे चार युवकों की जान चली गयी। रेलवे को चारों युवकों के परिजनों का मुआवजा देने के साथ उनकी स्मृति में स्मारक बनाना चाहिए। ताकि रेलवे को हमेशा अपनी गलती का स्मरण होता रहे और दोबारा कोई जनहानि ना हो। किसान आंदोलन को लेकर हरीश रावत ने कहा कि सरकार जानबूझकर किसानों की मांगों को पूरा नहीं कर रही है। किसान आंदोलन कोई लड़ाई नहीं है। इसमें हार जीत का कोई मतलब ही नहीं है। यह केवल लोकतंत्र की लड़ाई है। लेकिन सरकार ना तो लोकतंत्र को जीतने दे रही है और ना ही किसानों की मांगों को पूरा कर रही है। कुंभ मेले को लेकर भी रावत ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि कुंभ मेले को कुछ लोगों ने धन अर्जित करने का साधन बना लिया है। सरकार जानबूझकर कुंभ मेला कार्यों में देरी कर रही है। ऐसा करके राज्य सरकार कुंभ और मां गंगा का अपमान करने का काम कर रही है। उन्होंने कुंभ कार्यो में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया। हरीश रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि मोदी सरकार में किसी भी मुख्यमंत्री को काम करने नहीं दिया जा रहा है। जो मुख्यमंत्री मोदी का जितना आज्ञाकारी है। वह उतना ही नॉन परफॉर्मेंस मुख्यमंत्री है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी उन्हीं मुख्यमंत्री में से एक हैं जो केवल द्विमुर्ति की चरण वंदना करने में लगे हुए हैं। हरीश रावत ने कनखल पहुंचकर अस्वस्थ चल रही राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री डा.संतोष चैहान के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक अली, श्रमिक नेता राजबीर चैहान, पुरूषोत्तम शर्मा, जिला पंचायत सदस्य रोशनलाल, एडवोकेट राव फरमान, शाहीद, कासिफ अली, किरणपाल बाल्मिीकि, हाजी नईम कुरैशी, मकबूल कुरैशी, सुशील राठी, राव हामिद, अमजद अली, अरूण, योगेश, नत्थू सिंह, धर्मेन्द्र अंबुवाला, संदीप गौड़ आदि मौजूद रहे।