मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर की पेयजल मूल्यवृद्वि कम,सीवर शुल्क समाप्त करने की मांग

 हरिद्वार। वरिष्ठ नागरिक सामाजिक संगठन ने पेयजल मूल्यवृद्धि कम और सीवर शुल्क समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन ने सिटी मजिस्ट्रेट जगदीश लाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र भेजा है। अध्यक्ष चैधरी चरण सिंह ने कहा कि जल ही जीवन है योजना के तहत सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग किए गए पीने के पानी की मात्रा पर शुल्क वसूल रही है। जिससे आम जनता को पीने के पानी की सुविधा कम कीमत पर मिल सके। सरकार ने आश्रमों और धर्मशालाओं के धनाडय स्वामियों के व्यावसायिक पानी और सीवर कनेक्शनों को घरेलू कनेक्शनों मे परिवर्तित कर जल मूल्य और सीवर मूल्यों में छूट दी है। लेकिन हैरत की बात है कि शहरी क्षेत्र की आम जनता, गरीब परिवार, वृद्ध दंपति परिवारों पर हर वर्ष जल मूल्य वृद्धि होने से न्यूनतम जल मूल्य 2070 रुपये वार्षिक हो गया है। पानी का प्रेशर कम होने से बिजली मोटर के उपयोग से नयूनतम जलमूल्य और बढ़ जाता है। अधिक जल मूल्य के आर्थिक बोझ से शहरी आम गरीब और वरिष्ठ परिवार परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के चुनावी घोषणा पत्र में अपनी सरकार होने पर जनता से जलमूल्य वद्धि और सीवर शुल्क समाप्त करने का वादा किया था। लेकिन आज तक भी परिणाम शून्य ही है। सरकार अपनी घोषणा के अनुसार जल मूल्य वृद्धि और सीवर शुल्क समाप्त करे। मीटर के अनुसार उपयोग किए गए जल की मात्रा के अनुसार ही शुल्क वसूला जाए। मांग करने वालों में विद्यासागर गुप्ता, एससीएस भास्कर, आरएल सिंघल, योगेंद्र राणा, हरदयाल अरोड़ा आदि शामिल रहे


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