छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी की टीम ने निजी काॅलेज के निदेशक को किया गिरफ्रतार

 हरिद्वार। छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी की टीम ने त्रिवेणी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बागपत के डायरेक्टर को 1.21 करोड़ की छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मेरठ से गिरफ्तार कर हरिद्वार पहुंची एसआईटी टीम ने आरोपी को जेल भेज दिया है। एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी के मुताबिक जांच के बाद वर्ष 2019 में सिडकुल थाने में बागपत यूपी स्थित त्रिवेणी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच दरोगा राजीव उनियाल को सौंपी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चों के खाते में आई 1.21 करोड़ की राशि अंकुर राणा पुत्र सोमपाल निवासी 269 सेक्टर दो कंकरखेडा मेरठ के बैंक खाते में आई थी। दरोगा राजीव उनियाल ने मेरठ में दबिश देकर आरोपी अंकुर राणा को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने वर्ष 2014 से लेकर 2016 के बीच 253 छात्र-छात्राओं की फर्जी सूची दिखाकर छात्रवृत्ति की राशि हड़प ली थी। आरोपी को सिडकुल थाने में दाखिल कर कोर्ट में पेश करने के बाद शनिवार को जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी त्रिवेणी इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट का डायरेक्टर है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने धोखाधड़ी की है पुलिस ने अपनी कागजी कार्रवाई में भी यही बात लिखी है। इस मामले में साल 2019 में सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपित बागपत से भी छात्रवृत्ति घोटाला मामले में जेल जा चुका है। एसआइटी ने 2019 में सिडकुल थाने में त्रिवेणी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एजुकेशन मेरठ के खिलाफ छात्रवृत्ति गबन का मुकदमा दर्ज कराया था। पड़ताल में सामने आया कि हरिद्वार के समाज कल्याण विभाग ने कॉलेज को 1.41 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी थी, लेकिन तीन जब जांच के लिए मेरठ पहुंची तो पता चला कि इस नाम का कोई कॉलेज अस्तित्व में ही नहीं है।जांच करते हुए पुलिस टीम ने कॉलेज संचालक अंकुर राणा निवासी मेरठ बाईपास, कंकरखेड़ा मेरठ उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया। एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि अंकुर राणा ने पूरी 1.41 करोड़ की रकम का गबन किया है। वह बागपत से भी छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में जेल जा चुका है। कुछ देर पहले भी जमानत पर जेल से रिहा हुआ था। टीम ने मेरठ जाकर उसे गिरफ्तार किया है।