वसीम जाफर का इस्तीफा उत्तराखण्ड किक्रेट के लिए काला दिन, सीएयू में भ्रष्टाचार की पुष्टि-रोहन सहगल

 

हरिद्वार। पूर्व क्रिकेटर रोहन सहगल ने उत्तराखण्ड क्रिकेट टीम के कोच वसीम जाफर के इस्तीफे को उत्तराखण्ड क्रिकेट के लिए काला दिन करार देते हुए रोष जताया। प्रैस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए रोहन सहगल ने कहा कि वसीम जाफर के इस्तीफ से क्रिकेट ऐसोसिएशन आॅफ उत्तराखण्ड पर भ्रष्टाचार, अनियमितता, टीम सलेक्शन में दखलंदाजी आदि आरोपों की पुष्टि होती है। उन्होंने कहा कि वसीम जाफर ने भी इन्हीं कारणों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाशाली क्रिकेट खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है। किन्तु क्रिकेट एसोसिएशन. आॅफ उत्तराखण्ड के कर्ताधर्ताओं के भेदभाव पूर्ण रवैये व पूर्वग्रह के चलते सही प्रतिभा को प्रदेश में प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि वसीम जाफर का इस्तीफा कोई पहला प्रकरण नहीं है। पिछले सत्र में भी मनोज गुद्गल ने सेलेक्टर के तौर पर इस्तीफा दिया था। उन्होंने कहाकि विजय हजारे ट्राफी से चंद दिन पूर्व वीसम जाफर का इस्तीफा देना दुःखद है। उन्होंने कहा कि इस्तीफे से यह स्पष्ट हो जाता है कि क्रिकेट एसो.आॅफ उत्तराखण्ड की बागडोर बेहद गैर जिम्मेदार लोगों के हाथों में है। क्रिकेट एसोसिशन आॅफ उत्तराखण्ड खिलाड़ियों के लिए गंभीर नहीं है। पूर्व खिलाड़ी रोहन सहगल ने सभी खिलाड़ियों की ओर से बीसीसीआई व राज्य सरकार से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की, जिससे प्रतिभाओं को न्याय मिल सके।