रमता पंचों के नगर प्रवेश पर मेलाधिकारी ने किया संतो का स्वागत

 कुम्भ मेला भारतीय संस्कृति की मुख्य धरोहर एकता अखण्डता कायम करता है-श्रीमहंत नरेन्द्र गिरी 

हरिद्वार। श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के रमता पंचों ने नगर प्रवेश कर अखाड़े से एसएमजेएन कॉलेज में अखाड़े की छावनी में प्रवेश किया। इस दौरान शोभा यात्रा के रूप में धूमधाम से अखाड़े के संत महापुरुष नगर भ्रमण करते हुए कॉलेज की छावनी में पहुंचे। जमात के एसएमजेएन कालेज स्थित छावनी पहुंचने पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी, महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी, मां मनसादेवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज, मेला अधिकारी दीपक रावत, अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह, एसएमजेएन कालेज के प्राचार्य डा.सुनील बत्रा आदि ने फूलमाला पहनाकर सभी संतों का स्वागत किया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने रमता पंचों का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व दर्शनीय कुंभ मेला भारतीय संस्कृति की मुख्य धरोहर है, जो विश्व में एकता व अखंडता कायम रखता है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान जमात के छावनी पहुंचने पर मेला अधिकारी और मेला प्रशासन द्वारा संतों का स्वागत किया जाता है। परंपरा के अनुसार रमता पंचों के छावनी में प्रवेश से ही कंुभ मेले का शुभारंभ होता है। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने कहा कि कुंभ मेला दिव्य और भव्य रुप से सभी संत महापुरुषों के सानिध्य में संपन्न होगा। सनातन धर्म का मुख्य पर्व कुंभ मेला संत महापुरुषों के जीवन का एक अभिन्न अंग है। जो विश्व धरोहर के रूप में संपूर्ण समाज को धर्म का संदेश देता है। कहा कि एक तरह से आज मेले की शुरूआत हो गयी है और ऐसा एहसास भी साफ-साफ दिख रहा है, विश्वास करते हैं, बहुत ही सुन्दर, सुरक्षित, भव्य, दिव्य महाकुम्भ का मेला हरिद्वार में देखने को मिलेगा। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि कुम्भ मेला प्रशासन दिव्य एवं भव्य महाकुम्भ के आयोजन को पूरी तरह से तैयार है। साधु-सन्तों के आशीर्वाद से महाकुम्भ का आयोजन पूर्ण रूप से सफल एवं सुरक्षित होगा। मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ मेला संत महापुरुषों के आशीर्वाद से ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगा। क्योंकि कोरोना काल में पूरा विश्व जहां महामारी से परेशान है। वहीं भारतीय परंपराओं एवं सनातन संस्कृति के महापर्व कुंभ मेले से पूरे विश्व में एक सकारात्मक संदेश का प्रचार होगा और पूरे विश्व को एक नई ऊर्जा प्राप्त होगी। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने कहा कि 3 मार्च को होने वाली भव्य पेशवाई के दौरान हाथी, ऊंट, घोड़ा, पालकी मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगी। इस दौरान श्रीमहंत लखन गिरी, श्रीमहंत ओमकार गिरी, श्रीमहंत नरेश गिरी, महंत राधे गिरी, महंत नीलकंठ गिरी, श्रीमहंत दिनेश गिरी, महंत मनीष भारती, महंत शंकरानंद, श्रीमहंत गिरजानंद सरस्वती, दिगंबर गंगागिरी, दिगंबर बलवीर पुरी, दिगंबर आशुतोष पुरी, स्वामी रघुवन, स्वामी मधुर वन, स्वामी रवि वन, स्वामी आलोक गिरी, दिगंबर अमित पुरी आदि संत मौजूद रहे।


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