कुम्भ मेले को लेकर जारी एसओपी के विरोध में होटल एसो.ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

हरिद्वार। कुम्भ मेले को लेकर केन्द्र सरकार द्वारा जारी एसओपी के विरोध में होटल सुविधा के सभागार में बजट होटल एसोएिशन, टैªवल्स एसोसिएशन एवं होटल एसोसिएशन ने बैठक कर आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए बजट होटल एसो. के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने कहा कि कुम्भ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट एवं पंजीकरण की बाध्यता अव्यवहारिक है। जिसके विषय में जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया था तथा उनसे यह अपेक्षा की गयी थी कि ऐसे अव्यवहारिक नियमों में शिथिलता प्रदान की जानी चाहिए और कुम्भ मेले को सीमित किया जाना चाहिए। अप्रैल माह में पड़ने वाले पर्वों, स्नानों के लिए नोटिफिकेशन जारी होना चाहिए। सामान्य स्नानों पर राज्य सरकार की पूर्व की भांति एसओपी बनायी जाये। जिसमें कोरोना नेगेटिव की रिपोर्ट लाने एवं रजिस्ट्रेशन की बाध्यता में छूट होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने स्वीकार करते हुए 9 फरवरी को नयी एसओपी जारी कर हमारी मांगों पर सहमति प्रदर्शित की थी। लेकिन प्रशासन ने नयी एसओपी का प्रचार-प्रसार नहीं किया। जिससे हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं में मौनी अमावस्या स्नान को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही और होटल व्यवाससियों के लगभग 5 हजार कमरों की बुकिंग कैंसिल हो गयी। जिससे होटल एवं पर्यटन व्यवसाय को करोड़ों का नुकसान हुआ है। होटल एसो. हरिद्वार के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार का पर्यटन व होटल व्यवसाय के प्रति नजरिया उपेक्षा भरा रहा है। केन्द्र सरकार ने एसओपी जारी की है। उससे पर्यटन व्यवसाय चैपट हो गया है। जबकि कुम्भ मेले को लेकर होटल एवं ट्रैवल्स व्यवसासियों को बड़ी आशा थी। आशुतोष शर्मा ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में जारी एसओपी को निरस्त कर दिव्य, भव्य कुम्भ मेले में तीर्थयात्रियों के आने का मार्ग प्रशस्त करे। हरिद्वार ट्रैवल्स एसो. के अध्यक्ष उमेश पालीवाल ने कहा कि हमारा संगठन एसओपी के पूर्ण से विरोध में है। केन्द्र ने जो मौनी अमावस्या पर एसओपी जारी की उससे यात्रियों ने अपनी बुकिंग कैंसिल करवा दी। जिससे ट्रैवल्स एजेंड़ों और यात्रियों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। उन्होंने कहा कि एसओपी पूर्ण रूप से अव्यवहारिक है। युवा पुरोहित सौरभ सिखौला ने कहा कि कुम्भ केवल अधिकारियों और संत समाज का ही नहीं है यह आम हिन्दू जनमानस का महान पर्व है। ऐसे में सरकार द्वारा हिन्दू समाज को स्नान से रोकने के लिए बाध्याएं खड़ी करना धर्म विरूद्ध है और इसका प्रबल विरोध किया जायेगा। होटल व्यवसायी विभाष मिश्रा ने कहा कि सरकार होटल एवं ट्रैवल्स व्यवसायी से खिलवाड़ बंद करे, व्यवसासियांे की पीड़ा को समझते हुए एसओपी को व्यवहारिक बनाये और भय, बाधा मुक्त कुम्भ स्नान को निर्विघ्न सम्पन्न करवाये अन्यथा होटल व्यवसायी आन्दोलन करने को विवश होंगे। होटल व्यवसायी और संरक्षक विनोद शर्मा एवं मिन्टू पंजवानी ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि एसओपी को सरल और व्यवहारिक बनाये न कि कुम्भ मेले में बाध्याएं उत्पन्न करने का कार्य करे। इस दौरान अशोक कुमार, राजेन्द्र अग्रवाल, योेगेन्द्र शर्मा, राकेश अग्रवाल, आशीष शर्मा, अमित कुमार, दीपक शर्मा, लक्की आहुवालिया, प्रवीण शर्मा, दीपक कपूर, धीरज नेगी, उमाशंकर पाण्डे, सचिन भारद्वाज, आकाश जैन, आदित्य, अंशुल जैन, सनिक मेहता, तारालाल, चन्द्रकान्त शर्मा, रामविलास आदि उपस्थित रहे। 


Comments