एक दूसरे के कष्टों में सहयोग की भावना भारतीय संस्कृति को विशेष बनाती है-राज्यपाल

 हरिद्वार। उत्तराखण्ड की महामहिम राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने आज रानीपुर मोड़ पहुंच श्री चंद्राचार्य देव की मूर्ति की पुर्नस्थापना की। कार्यक्रम का आयोजन बड़ा अखाड़ा उदासीन के संतों की उपस्थिति में किया गया। श्रीमती मौर्य ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गौरव का विषय है कि आज हमारी संस्कृति और इतिहास की एक महान विभूति की प्रतिमा का पुर्नस्थापना का अवसर हम सब को मिला है। नगर के बीच में स्थापित श्री चंद्रदेव की प्रतिमा हमारी भावी पीढ़ियों को हमारे महापुरूषो की जानकारी देगी। श्री चंद्र देव इतिहास में राष्ट्रीय एकता के पक्षधर बन सभी के प्रेरणा स्त्रोत बने। श्री चंद्र देव ने जाति धर्म सम्प्रदाय की भावना से ऊपर उठकर सभी को राष्ट्रीय एकता का लक्ष्य दिया। हम सब को भी एक दूसरे के कष्टों को महसूस कर सहयोग की भावना अपनानी चाहिए, सबकी उन्नति की कामना करने चाहिए। यही भावना भारतीय संस्कृति को विशेष बनाती है। कार्यक्रम में बड़ा अखाड़ा उदासीन के श्री महंत रघुमुनि महाराज, योग गुरू स्वामी रामदेव, बड़े अखाडे के कोठारी महंत दामोदर दास, आचार्य बालकृष्ण, स्वामी हरिचेतनानंद, संजय महंत, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, कुम्भ मेला अधिकारी दीपक रावत, जिलाधिकारी सी0 रविशंकर आईजी कुम्भ मेला संजय गुंज्याल, अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह, ललित नारायण मिश्र, सीओ अभय प्रताप सिंह, भूपेन्द्र कुमार सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी एवं साधु संत उपस्थित रहे।