होटल व्यवसायियों,व्यापारियों,धर्मशाला प्रबंधकों ने एकजुट होकर लिया संघर्ष करने संकल्प

एसओपी के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नही किया जायेगा-सुरेश गुलाटी

 हरिद्वार।कुम्भ मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों को कोरोना के नाम पर रोकने की शासन-प्रशासन की साजिश के खिलाफ हरिद्वार के प्रान्तीय उद्योग प्रतिनिधि व्यापार मण्डल, होटल एसो., टैªवल्स एसो., धर्मशाला प्रबंधक सभा ने एसओपी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पोस्ट आॅफिस चैराहे पर धरना प्रदर्शन शुरू करते हुए नगर में व्यापार की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर धरना प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सुरेश गुलाटी व शहर अध्यक्ष कमल बृजवासी ने कहा कि कोरोना महामारी के पश्चात व्यापारियों को उम्मीद जगी थी कि कुम्भ मेले में उनका व्यापार फले फूलेगा। अफसोसजनक स्थिति यह है कि व्यापारियों को सहायता देने के स्थान पर शासन-प्रशासन एसओपी के नाम पर व्यापारियों का खुलेआम उत्पीड़न कर रही है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। हरिद्वार होटल एसो. के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा व बजट होटल एसो. के अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने एसओपी के माध्यम से हरिद्वार के होटलों में ठहरने वाले यात्रियों की कोरोना जांच को अनिवार्य करने को तुगलकी फरमान बताते हुए एसओपी में संशोधन की मांग की। कुलदीप शर्मा ने कहा कि प्रशासन को व्यापारियों की सुध लेनी चाहिए। हिन्दू हितों पर कुठाराघात सहन नहीं किया जायेगा। भाजपा पार्षद दल के उपनेता अनिरूद्ध भाटी ने व्यापारियों के संघर्ष को समर्थन देते हुए कहा कि कुम्भ मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, स्वस्थ की रक्षा करना सरकार का दायित्व है। कोरोना टेस्ट के नाम पर हिन्दुओं की आस्था और व्यापारियों के हितों से खिलवाड़ नहीं करने दिया जायेगा। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने व्यापारियों के धरना प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि प्रशासन भ्रम की स्थिति में है और प्रशासन कुम्भ मेले में किये गये भ्रष्टाचार पर पर्दा डालना चाहती है इसलिए भ्रामक एसओपी जारी कर कुम्भ मेले को ही होने नहीं देना चाहती है। व्यापार मण्डल के जिला महामंत्री संजीव नैयर व गंगासभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि 12 वर्ष के पश्चात होने वाले कुम्भ मेले में देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री पुण्य लाभ को लेकर हरिद्वार आते हैं लेकिन हरिद्वार में ही मेला प्रशासन कोरोना टेस्ट की जांच अनिवार्य कर रहा है जबकि ऋषिकेश और प्रयागराज में इस तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। देवभूमि प्रबंधक सभा के अध्यक्ष कैलाश शर्मा, महामंत्री शंकर पाण्डे, राष्ट्रीय धर्मशाला सुरक्षा समिति के अध्यक्ष महेश गौड़, महामंत्री विकास तिवारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, बजट होटल एसो. के महामंत्री अशोक कुमार, संरक्षक विनोद शर्मा, उमाशंकर पाण्डे, मीडिया प्रभारी अखिलेश चैहान, सचिव दीपक शर्मा, सचिन भारद्वाज, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अंशुल जैन, मिन्टू पंजवानी आदि ने धरना को अपना समर्थन प्रदान किया। धरने का संचालन प्रदीप कालरा एवं संजीव नैयर ने किया।  

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