एसओपी के अनुपालन कराये जाने को लेकर जिलाधिकारी ने मांगा व्यवसायियों से सहयोग

 सुरक्षित कुम्भ आयोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता-सी रविशंकर

हरिद्वार, जिलाधिकारी सी0 रविशंकर ने कुम्भ मेला 2021 के सम्बंध में केंद्र सरकार से प्राप्त एसओपी का अनुपालन कराये जाने को लेकर होटल व्यवसायिओ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में की। बैठक में विभिन्न होटल, गेस्ट हाउस, आश्रम, धर्मशाला, होम स्टे इत्यादि आवासीय इकाईयों के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी नें भारत सरकार से प्राप्त एसओपी के बिंदुओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि कहा कि केंद्र से प्राप्त कुम्भ मेला व कुम्भ मेला अवधी में बड़े पैमाने पर जनसमुदाय एकत्र होने वाले दिवसों में सभी संस्थाओं द्वारा एसओपी का अनुपालन अनिवार्य है। कुम्भ व अन्य धार्मिक आयोजन कोरोना संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील हैं। सभी को कुम्भ मेले का आयोजन व्यक्ति जीवन सुरक्षा को सर्वोपरी मानते हुए कराने में सहयोग की अपेक्षा की जाती है। एसओपी के माध्यम से सुरक्षित कुम्भ आयोजन के दिशा निर्देश दिये गये हैं सुरक्षित कुम्भ आयोजन ही जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। एसओपी के अनुसार सभी बड़े छोटे होटल रेस्टोरेंट आदि में थर्मल स्क्र्रेनिंग, फुट आॅपरेटर सेनेटाजर मशीन, सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क का प्रयोग अनिवार्यतः करना और कराना होगा। होटल पहुंचने वाले श्रद्धालुआंे को 72 घंटे पहले कि कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट तथा कुम्भ मेला रजिस्टेªशन पोर्टल पर अपलोड कराना होगा। यदि कोई यात्री बिना रजिस्ट्रेशन और टेस्ट रिपोर्ट के होटल में ठहरने आता है तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देनी होगी। उन्होंने कहा कि होटल एसोसिएशन गाइड लाइन के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा व आकस्मिक स्थिति के लिए प्रशासन द्वारा दिये गये लिंक, पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण, आरटीपीसीआर टेस्ट रिपोर्ट अवश्य अपलोड करने के लिए भी प्रोत्साहित करें। जिला प्रशासन की ओर से जारी कोरोना हेल्प लाइन नम्बरों, पोस्टरों, स्टिकरों, आदि व महत्वपूर्ण एसओपी निर्देशों को भी अपने अपनी बुकिंग साइटों, कार्यालयों, वाहनों आदि पर चस्पा कर जागरूकता बढ़ानी है। जिलाधिकारी ने जिला प्रशासन की ओर से कुम्भ मेला के दौरान बाॅर्डर से लेकर मेला क्षेत्रों में जगह जगह लगाये जाने वाले कोरोना सैम्पलिंग, बाॅर्डर चैकिंग की रणनीति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य टीमें, बाॅर्डर और शहर के अंदर सैम्पलिंग और टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी किन्तु होटल के प्रत्येक स्टाफ को भी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ सकारात्मक व्यवहार अपनाते हुए सहायता करनी होगी किस प्रकार और कैसे जरूरतमंद को प्रशासन और स्वास्थ्य सेवा का लाभ तत्काल दिलाया जाये। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिये कि कोविड कंट्रोल रूम में सभी होटल, धर्मशालाओं व अन्य प्रतिष्ठानों के केयर टेकर नम्बर व संस्था की लोकेशन सूची अनिवार्य रूप से रखी जाये। व्यवसासियों की ओर से भी जिलाधिकारी को महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए। जिलाधिकारी ने उच्च स्तर से अनुमति प्राप्त कर सुझावों पर अमल किये जाने का आश्वासन दिया। बैठक में डिप्टी कलेक्टर संतोष पाण्डे, जिला पर्यटन विकास अधिकारी श्रीमती सीमा नौटियाल, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन आशुतोष शर्मा सहित कुलदीप शर्मा, हेमेन्द्र सिंह नेगी, मानसी पंत, अजय प्रताप सैनी, आदित्य वर्द्धन, अखिलेष, अर्पण कुमार, राकेश कुमार त्रिपाठी, हर्षित त्रिपाठी, श्याम अग्रवाल,हर्ष आहूजा,विक्रम गुलाटी, दुष्यंत वर्मा,  हरि सिंह रावत, शैलेन्द्र, मनु मिश्रा,गौरव, रिषी सरीन,उमाशंकर पांडेय, पवन कुमार, महावीर सिंह नेगी, राकेश अग्रवाल, कैलाश शर्मा आदि होटल व्यावसायी/प्रतिनिधि उपस्थित थे।