खेती और उद्योगों को दो उद्योगपतियों को सौंप रही भाजपा सरकार-अम्बरीष कुमार

हरिद्वार। केंद्र सरकार की निजीकरण नीति के विरोध तथा किसान आंदोलन के समर्थन में विभिन्न श्रमिक संगठनों ने भेल फाउण्ड्री गेट से नगर निगम तक बाईक रैली निकालकर प्रदर्शन किया। रैली में भेल, नगर निगम, रेल कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी भी सम्मिलित हुए। फाउण्ड्री गेट से शुरू हुई रैली शिवालिक नगर, सुभाष नगर, बाल्मिीकि बस्ती ज्वालापुर, कस्साबान, रेलवे रोड़ ज्वालापुर, भगत सिंह चैक, ऋषिकुल चैक होते हुए नगर निगम प्रांगण पहुंची। नगर निगम परिसन में हुई सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता पूर्व विधायक अम्बरीष कुमार ने कहा कि सामाजिक न्याय, लोक कल्याणकारी राज्य संविधान के उद्देश्यों को दरकिनार कर भाजपा सरकार खेती और उद्योगों को दो उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी कर रही है। भाजपा सरकार निजीकरण, श्रम संहिता लागू करने के साथ तीन कृषि कानूनों के जरिए खेती को भी निजी क्षेत्र को सौंपने की तैयारी में है। जिसके विरोध में किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन सरकार कुछ सुनने को तैयार नहीं है। देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। बेरोजगारी दूर करने के बजाए सरकार लोगों को बांटने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से परेशान किसान, मजदूर, नौजवान मोदी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। प्रदेश महासचिव डा.संजय पालीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियो को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। सरकार निजीकरण बंद कर, श्रम कानून व तीनों कृषि कानून निरस्त करे। भेल श्रमिक नेता राजबीर चैहान ने कहा कि सरकार उदारीकरण, निजीकरण के जरिए खेती और उद्योगों को बर्बाद कर रही है। जिसके विरोध में देश भर के किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, नौजवान सरकार के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष की तैयारी कर रहे हैं। यदि सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदली तो देश की जनता सरकार को उखाड़ फेंकेगी। सभा को राधेश्याम सिंह, एमपीएस त्यागी, विकास सिंह आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान श्रमिक नेता मुरली मनोहर, अंकित चैहान, वरुण बालियान, शहाबुद्दीन अंसारी, अशोक शर्मा, धर्मपाल सिंह, अमन गर्ग, पार्षद राजीव भार्गव, पार्षद सोहेल कुरेशी, पार्षद जफर अब्बासी, पार्षद तहसीन, पार्षद मेहरबान खान, पार्षद गुरबीर सिंह, आयुष सैनी, प्रीतम कुमार, सोम त्यागी, नितिन तेश्वर, रवि बहादुर, चैधरी सुक्रम पाल, आरसी धीमान, विवेक मित्तल, रईस ठेकेदार, सद्दीक गाड़ा, अश्वनी चैहान, मुकुल राज, अमित सिंह, राजेश बिष्ट, राजेंद्र चुटेला, सुरेंद्र तेश्वर, पंकज, मनीष सिंह, प्रेमचंद, वीरेंद्र कुमार, राजेंद्र श्रमिक, अशोक चैधरी, पीडी बलूनी, रमेश दीवान, सौरभ त्यागी, संदीप चैधरी, रितेश, अशोक उपाध्याय, शाहनवाज, जसवंत सैनी, विजय प्रजापति, सुनील कुमार, कैलाश भट्ट, शिवम गिरी, आकाश भाटी, अंकित शर्मा, अजय मुखिया, दीपक कटारिया, दीपक कोरी, पुनीत, अनुज, अमन राठौर आदि सहित सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल रहे।