माघ पूर्णिमा स्नान और शारदीय कांवड़ मेले के लिए जिला प्रशासन ने जारी की एसओपी

 

हरिद्वार। शनिवार को होने वाले माघ पूर्णिमा स्नान और शारदीय कांवड़ मेले के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने एसओपी जारी कर दी है। इसके तहत आगमन तिथि से तीन दिन की अवधि में कराई गई आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आने की सलाह दी गई है। साथ ही दस साल से कम आयु के बच्चे और गर्भवती महिलाओं को दोनों स्नान पर्व में शामिल न होने की सलाह दी गई है। ये गाइडलाइन 27 फरवरी से 11 मार्च तक लागू रहेगी। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने माघ पूर्णिमा स्नान और कांवड़ मेले को लेकर आदेश जारी कर दिया। आदेश के अनुसार श्रद्धालुओं को अपने राज्य के निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा प्रमाण पत्र के साथ आने की सलाह दी गई है। धर्मशाला, आश्रम, होटल, गेस्ट हाउस में रुकने वाले सभी श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। थर्मल स्क्रीनिंग में अगर किसी यात्री में कोरोना से संबंधित लक्षण मिलते हैं तो इसकी सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबरों पर देने के लिए निर्देशित किया गया है। इसके साथ ही आदेश में यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के साथ सेनेटाइजेशन को आवश्यक बताया है। इसके अलावा हरिद्वार की सीमा और हरकी पैड़ी समेत अन्य इलाकों में श्रद्धालुओं की रैंडम जांच की जाएगी। एसएसपी सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस ने बताया कि जारी आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। सीमाओं पर पुलिसकर्मियों की अतिरिक्त ड्यूटी लगा दी गई है। माघ पूर्णिमा के साथ ही 27 फरवरी से हरिद्वार में शारदीय कावड़ मेले की शुरुआत हो रही है। यह मेला 11 मार्च महाशिवरात्रि रहता है। लाखों संख्या में कांवड़िए इस मेले में हरिद्वार पहुंचते हैं। हालांकि सावन में होने वाले कांवड़ मेले से इस मेले में कांवड़ियों की संख्या बेहद कम होती है।