गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्वालुओं पर लगायी जा रही पाबन्दियों को हटाने की मांग

 

हरिद्वार। देवभूमि सिविल सोसायटी के पदाधिकारियों व सदस्यों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर कुंभ स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर लगायी जा रही पाबन्दियों को हटाने की मांग की है। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करने के दौरान जेपी बड़ोनी ने कहा कि 12 वर्ष के अंतराल पर आयोजित होने वाले कुंभ मेले में देश भर से लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आते हैं। लेकिन स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर कोविड नेगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य किया रहा है। जो लोकतंत्र की मूल अवधारणा के विरूद्ध और जनता पर नियंत्रण लगाने का अप्रत्यक्ष प्रयास है। बिहार चुनाव, हैदराबाद नगर निगम चुनाव व अब बंगाल चुनाव को लेकर बड़ी बड़ी रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें दो गज की दूरी, मास्क जैसी किसी कोविड नियम का पालन तक नहीं कराया गया। यूपी में बिना किसी कोविड नियम को जनसामान्य पर लादे माघ मेला कराया जा रहा है। ऐसे में कुंभ स्नान के लिए हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं पर कोविड नियमों को अनिवार्य किया जाना तर्कसंगत नहीं है। बल्कि यह सनातन धर्म को मानने वालों की आस्था पर कुठाराघात है। इसलिए एसओपी के जरिए लागू किए जा रहे कड़े निमयों को वापस लिया जाए। पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि सनातन धर्म के प्रमुख पर्व कुंभ मेले पर प्रतिबंध लगाना किसी भी तरह से उचित नहीं है। जब तमाम राजनैतिक आयोजन बिना किसी कोविड नियम का पालन कराए बिना कराए जा सकते हैं तो कुंभ स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर कोविड नेगेटिव रिपोट लाने जैसे कड़े प्रतिबंध लगाने को किसी भी तरह से उचित नहीं कहा जा सकता है। ज्ञापन सौंपने वालों में सुनील प्रजापति, विनोद मिश्रा, आचार्य पं.विष्णु शास्त्री, आचार्य पवनकृष्ण शास्त्री, पंडित गोपाल कृष्ण बड़ोला, अश्विनी सैनी, राहुल शर्मा, मयंक शर्मा आदि शामिल रहे।