मेलाधिकारी ने आटोमेटेड व्हील चेयर व रैंप का स्वयं ट्राॅयल

 

हरिद्वार। मेलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि अब हरकी पैडी पर देश-विदेश से कुम्भ स्नान को आने वाले दिव्यांग व बुजुर्ग भाई-बहनों को मां गंगा के आचमन में कोई दिक्कत नहीं आएगी, क्योंकि घाट पर ही आटोमेटेड हैंड आॅपरेटेड व्हील चेयर व रैंप की सुविधा शुरू हो चुकी है, इससे वे स्वयं द्वारा संचालित कुर्सी में बैठकर रैंप से होकर गंगा जल का आचमन खुद ही कर सकेंगे। उन्होंने हरकी पैड़ी पर दिव्यांगों के लिए बने आटोमेटेड व्हील चेयर व रैंप को देखकर उसका ट्रायल स्वयं भी किया तथा इस सुविधा की सराहना की। मेलाधिकारी द्वारा आटोमेटेड हैंड आॅपरेटेड व्हील चेयर की कीमत पूछने पर अधिकारियों ने बताया कि इसकी लागत लगभग तीन लाख रूपये के करीब आई है। दीपक रावत ने तत्पश्चात हरकी पैड़ी पर बने श्री गंगा सभा के नवनिर्मित कार्यालय का उदघाटन भी किया। उन्होंने श्री गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ व स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि आदि के साथ कार्यालय में स्थित मंदिर में मां गंगा व मां सरस्वती की पूजा की। कार्यालय में प्रवेश करने से पूर्व उन्होंने कन्या पूजन किया। जम्मू से आई बालिका श्रेया ने सबसे पहले कार्यालय में कदम रखा। इसके बाद मेलाधिकारी व गंगा सभा के पदाधिकारियों ने कार्यालय में पहुंचकर गंगा आरती की। श्री गंगा सभा के पदाधिकारियों ने मेलाधिकारी दीपक रावत व अन्य को गंगाजलि व प्रसाद भेंट किया। मेलाधिकारी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हरकी पैड़ी पर भूमिगत तारों का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। हरकी पैड़ी पर दिव्यांगों के लिए हैंड आटोमेटेड व्हील चेयर और आटोमेटेड रैंप से दिव्यांगजन घाट पर सीधे गंगाजल का आचमन कर सकते है। उन्होंने कहा कि हरकी पैड़ी पर महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग काफी संख्या में चेजिंग रूम बन चुके हैं, जिन्हें आवश्यकतानुसार स्नान को आने वाले श्रद्धालु प्रयोग कर सकेंगे।