भेल प्रबंधन के ािलाफ श्रमिक यूनियनों ने किया प्रदर्शन,मांगे नही माने पर दी आंदोलन की चेतावनी

हरिद्वार। बीएचईएल के हीप एवं सीएफएफपी की 3 यूनियनों द्वारा बुधवार को हीप मेन गेट पर भेल कारपोरेट प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि होली से पूर्व भेल प्रबंधन ने अगर पीपी एवं बोनस का भुगतान नहीं किया तो आंदोलन को तेज किया जायेगा। हेवी इलेक्ट्रिकल वर्कर्स ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष रामयश सिंह ने कहा कि विगत 10 माह से श्रमिकों के 50 फीसदी पर्क्स सीज हैं। भेल प्रबंधन इस कटौती को तत्काल बंद करते हुए 1 मार्च 2021 को एरियर सहित भुगतान जारी करे। भेल प्रबंधन द्वारा अधिकारियों को तो 9 अक्टूबर 2020 को लाखों रुपए का पीआरपी का भुगतान कर दिया गया है। किंतु श्रमिकों के लिए पीपी एवं बोनस के लिए संयुक्त समिति की बैठक अभी तक नहीं हुई है। कहा यदि होली से पूर्व भेल प्रबंधन ने पीपी एवं बोनस की मीटिंग बुलाकर सम्मानजनक भुगतान नहीं किया तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। हेवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन के महामंत्री विकास सिंह ने कहा कि भेल कॉरपोरेट प्रबंधन ने वर्ष 2003 में भर्ती हुए आर्टिजनों की अभी तक पे एनामली को सही नहीं किया है। जो कर्मचारी वर्ष 2009 के बाद भेल में भर्ती हुए हैं उन्हें अभी तक इंक्रीमेंट का लाभ नहीं दिया गया है। जिससे कर्मचारियों में काफी रोष है। सीएफएफपी श्रमिक यूनियन के महामंत्री अमित गोगना ने कहा कि भेल के सेवारत कर्मचारियों की मृत्यु होने पर उनके आश्रित परिवारों को कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति तिथि तक सामान्य लाइसेंस फीस पर आवास आवंटन कराया जाए। सीएफएफडब्ल्यूयू, सीएफएफपी के महामंत्री जयशंकर ने कहा कि एक करोड़ रुपए का टर्म इंश्योरेंस को और केंद्रीय इंसेंटिव स्कीम को सभी यूनिटों में शीघ्र लागू किया जाए। नाइट अलाउंस भत्ता एवं वर्दी की सिलाई भुगतान को रिवाइज हुए 5 वर्ष से अधिक हो गए हैं। इसे शीघ्र से शीघ्र रिवाइज किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में रवि कश्यप, अशोक सिंह, अर्जुन सिंह, बलबीर सिंह रावत, ओपी मीणा, शैलेश सिंह, राकेश मालवीय, अरविंद मावी, कामता प्रसाद, प्रह्लाद सिंह चैहान, सतेंद्र प्रताप सिंह, कमलेश राय, नवीन कुमार, हरिहर प्रसाद, हरीश साहू, संदीप जोशी, दिवस श्रीवास्तव, बीजी शुक्ला, महावीर कश्यप, विपिन कश्यप, वीरेंद्र सिंह भदौरिया, दीपक पाल, विजय यादव, भवानी प्रसाद, धर्मेश गुप्ता, अमित पांडे, सुरेंद्र गुप्ता, अजीत पाल, सोहेल, अमरजीत सिंह, चंद्रदेव, कन्हैयालाल, हरद्वारी लाल यादव, जय प्रकाश राय आदि सहित भेल के सैकड़ों कर्मचारी शामिल रहे।