प्रदेश में तीरथ सिंह रावत मंत्रीमण्डल का विस्तार,चार नये चेहरे सहित 11नये मंत्रियों ने ली शपथ

हरिद्वार। उत्तराखंड मंत्रीमण्डल का पहला विस्तार शुक्रवार को किया गया। एक सादे समारोह में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने आठ कैबिनेट एवं तीन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। मंत्री मण्डल में इस बार चार नये चेहरे को शामिल किया गया है। हरिद्वार जनपद से इस बार दूसरी बार के विधायक स्वामी यतिश्वरानंद को राज्यमंत्री बनाया गया है। पिछली त्रिवेंद्र रावत सरकार में खाली चल रहे कैबिनेट मंत्रियों के तीन रिक्त पदों को भी इस बार भरा गया है। खास बात यह है कि मंत्रिमंडल में त्रिवेंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को ही दोबारा जगह मिली है। सिर्फ चार के विधायक मदन कौशिक को इस बार मंत्री के बजाए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले शुक्रवार को ही मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत की जगह त्रिवेंद्र सरकार में रहे कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को अध्यक्ष बनाया गया। पिछली त्रिवेंद्र सरकार में श्री कौशिक सबसे ज्यादा पावरफुल मंत्री माने जाते थे। शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद ही सचिवालय में कैबिनेट बैठक भी बुलाई गई है। मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल रहे उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को दोबारा जगह मिली है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल, महिला कल्याण मंत्री रेखा आर्य (राज्य मंत्री), परिवहन मंत्री यशपाल आर्य,पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को दोबारा पारी खेलने का मौका दिया जाएगा। मंत्रिमंडल में पहली बार, डीडीहाट से विधायक बिशन सिंह चुफाल, कालाढूंगी से विधायक एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत, हरिद्वार ग्रामीण से दूसरी बार विधायक स्वामी यतीश्वरानंद (राज्य मंत्री) और मसूरी से विधायक गणेश जोशी ने भी शपथ ली है। ऐसा करके भाजपा हाईकमान गढ़वाल व कुमाऊं में बैलेंस बनाने में सफल हो गई है। भाजपा हाईकमान और तीरथ ने गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के विधायकों को प्रतिनिधित्व देकर प्रदेश में एक बैलेंस बनाने की पूरी कोशिश की है। ऐसा करने से भाजपा संगठन प्रदेश में अगले साल-2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी फोकस करना चाहता है। बता दें कि तीरथ सिंह रावत ने बुधवार को मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। तभी से नामों के कयास लगने का सिलसिला शुरू हो गया था। कैबिनेट में मंत्रियों को शामिल करने से पहले संगठन, सांसदों सहित विधायकों से फीडबैक भी लिया गया था। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब तीरथ सिंह रावत को विधानसभा का सदस्य बनना होगा। अभी वह पौड़ी से लोकसभा सांसद हैं। उनके लिए बदरीनाथ से विधायक महेंद्र भट्ट ने अपनी सीट छोड़ने की पेशकश की है।  चर्चा है कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की डोईवाला विधानसभा सीट से भी तीरथ चुनाव लड़ सकते हैं।