नामी संत पर निजी भूमि को फर्जी पाॅवर आॅफ अटार्नी के जरिये बेचने का आरोप

 हरिद्वार। एक महिला ने नगर के एक प्रसिद्व संत पर फर्जी तरीके से पाॅवर आॅफ अर्टीनी बनाकर संत की निजी जमीन को बेचने का आरोप लगाया है। कहा कि संत भूमाफिया व दबंगों के साथ मिलकर संपत्ति खुर्दबुर्द करने में लगे हुए हैं। स्वयं को महापुरूष व ज्ञानी बताने वाले संत अखाड़े की आड़ लेकर सपंत्ति का खुर्दबुर्द कर रहे है। तेजेंद्र जीत कौर ने कहा कि राजनैतिक संरक्षण प्राप्त अखाड़े के प्रमुख संत अवैध रूप से जमीनों को बेचकर पैसा बटोर रहे हैं। संतई के चोले में जमीनों पर कब्जे कर उन्हें बेच रहे हैं। महिला ने दावा किया कि उक्त संत ने एक व्यक्ति के नाम पाॅवर आॅफ अटार्नी बनाकर जमीन बेची। मार्च 2020 में उक्त संत ने 23 लोगों को अलग अलग रजिस्ट्री कर करोड़ो रूपये हथिया लिया। जिसके एबज में 3करोड़,33लाख,60हजार रूपये लिये गये। महिला ने दावा किया कि उक्त प्रसिद्व संत के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है। दावा किया कि उक्त संत के दबाव में शासन-प्रशासन में कोई कारवाई नही हो रही है।           सोमवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उक्त महिला ने कहा कि कनखल स्थित एक स्व.संत की निजी भूमि जिसका फरवरी 19 में खसरा-खतौनी में उनका नाम दर्ज था,लेकिन उक्त प्रसिद्व संत ने कूट रचना कर किसी सागर के नाम पाॅवर आॅफ अटार्नी बनाकर मार्च 2020 करीब 23 लोगों के नाम अलग अलग रजिस्ट्री कर दी। सभी रजिस्ट्रियाॅ की कापी होने का दावा करते हुए महिला ने आरोप लगाया कि उक्त संत ने 6बीधा गौशाला की जमीन भी बेच दी। महिला ने रजिस्ट्री की तारीख एवं उसके एवज में चेक के द्वारा भुगतान की विस्तृत कागजात होने का दावा भी किया। वार्ता में मौजूद गुजरात के बिल्खा में रहने वाले संत स्वामी रूद्रानंद गिरि शिष्ट स्वामी परमेशानंद ने दावा किया कि अखाडों में ़संपत्ति बेचने के लिए फर्जी तरीके से कार्य किया जाता है। करोड़ो की सम्पत्ति को खुद-बुर्द करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जमीनों की खरीद फरोख्त में राजनैतिक पार्टी के नेताओं का भी संरक्षण दिए जाने की बात कही।