हरिद्वार। श्री रविदास गंगा शोभायात्रा जालंधर पंजाब से प्रारम्भ होकर 2 अप्रैल को हरिद्वार पहुंचेगी। इसी दिन शोभायात्रा नगर भ्रमण के बाद यात्रा में शामिल संतजन एवं संगत हरकी पैड़ी पर शाही स्नान के लिए पहुचेगी। गंगा स्नान करेगी। इस सम्बन्ध में श्री गुरु रविदास साधु सम्प्रदायक सोसाइटी के संस्थापक बाबा निर्मल दास ने मंगलवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि संत शिरोमणी गुरू रविदास महाराज के प्रकाशोत्सव के अवसर पर निकाली जा रही दमड़ी शोभा यात्रा जालंधर से शुरू होकर पंजाब, हरियाणा, यूपी के विभिन्न जिलों से होते हुए निर्मला छावनी स्थित श्री गुरू रविदास मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। तीन अप्रैल को शाही जुलूस के रूप में संतजन व संगत हरकी पैड़ी पर स्नान करेंगे। उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में शामिल होने के इच्छुक सभी श्रद्धालु भक्तों से अपील की गयी है कि वे अपना कोविड टेस्ट अवश्य कराएं। कोविड के खतरे को देखते हुए सोसायटी की मेडिकल टीम यात्रा के साथ चलेगी। रविदासाचार्य विधायक सुरेश राठौर ने बताया कि शोभायात्रा के हरिद्वार पहुंचने पर ज्वालापुर में पुल जटवाड़ा स्थित रविदास द्वार पर भव्य स्वागत किया जाएगा। सुरेश राठौर ने बताया कि प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली ऐतिहासिक दमड़ी शोभायात्रा विभिन्न मार्गो से होते हुए हरकी पैड़़ी पहुंचेगी। इस दौरान शोभायात्रा में शामिल संतों व संगत का कई स्थानों पर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2010 में संपन्न हुए कुंभ मेले के दौरान भी दमड़ी शोभायात्रा के हरिद्वार पहुंचने पर शाही स्नान का आयोजन किया गया था। जिसका विहिप अध्यक्ष अशोक सिंघल व प्रवीण तोगड़िया ने भव्य स्वागत किया था। संत शिरोमणी गुरू रविदास मंदिर मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष राहुल भारती ने कहा कि दमड़ी शोभायात्रा का सहारनपुर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। इस अवसर पर श्री गुरू रविदास साधु सम्प्रदाय सोसायटी पंजाब के महासचिव संत इन्द्रदास महाराज, उपाध्यक्ष संत श्रवणदास, कोषाध्यक्ष संत परमजीत दास महाराज, उपकोषाध्यक्ष संत पुरूषोत्मानंद महाराज आदि मौजूद रहे।
हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा ...
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