देश भर से आने वाले बैरागी संतों को सुरक्षा उपलब्ध कराए मेला प्रशासन-श्रीमहंत राजेंद्रदास

 

हरिद्वार। कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने बैरागी कैंप पहुंचकर तीनों वैष्णव अनी अखाड़ों के श्रीमहंतों से कुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था एवं मूलभूत सुविधाओं को लेकर चर्चा की। इस दौरान अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि देशभर से आने वाले बैरागी संतो के जगद्गुरू, द्वाराचार्य, महामण्डलेश्वर एवं अन्य बड़े खालसों के संतों के लिए सुरक्षा मुहैया कराई जाए। जिससे किसी प्रकार की कोई दुर्घटना घटित ना हो। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मेला प्रशासन के अधिकारी एसी कमरों में बैठकर संतो को मात्र आश्वासन दे रहे है।ं क्षेत्र में आकर वह किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं कर रहे हैं। जिससे बैरागी संतो को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मेला प्रशासन के साथ होने वाली अखाड़ा परिषद की बैठक को स्थगित करने के निर्णय पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला किसी की जागीर नहीं है। बैठक सभी तेरह अखाड़ों की सहमति के बाद ही आयोजित की जाती है। किसी भी अन्य के कहने मात्र से बैठक को स्थगित करना ठीक नहीं है। श्री पंच दिगंबर अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राम किशन दास महाराज ने कहा कि मेला प्रशासन बैरागी संतो को भूमि आवंटित कर सुविधाओं के नाम पर बरगला रहा है। शौचालय, सड़क, पानी आदि की व्यवस्था एक चैथाई रूप से भी पूरी नहीं है। जिससे संतो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास महाराज एवं महंत गौरी शंकर दास महाराज ने कहा कि बैरागी संतो को जल्द से जल्द सभी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाए। कोई भी मेला प्रशासन और संतों के आपसी समन्वय से ही संपन्न होता है। इसलिए मेला प्रशासन संतों की पीड़ा को सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान करे। कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने सभी संत महापुरुषों की मांग को सुनते हुए कहा कि मेला प्रशासन संतों की समस्या को लगातार निस्तारण करने में जुटा हुआ है। संतों की जो भी मांग है। उसे पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैरागी श्रीमहंतों द्वारा उनके पिछले अनुभव के द्वारा उन्हें परामर्श दिया गया है। उस पर विचार करके मेला अधिकारी के साथ वार्ता कर संभावित कार्य पूरे किए जाएंगे। साथ ही यह भी ध्यान में रखा जाएगा कि मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए आज से किसी को भी कोई परेशानी ना हो। इस दौरान महंत मोहन दास, महंत रामशरण दास, महंत रामजीदास, महंत रामकिशोर दास शास्त्री, महंत सूरजदास, बाबा हठयोगी, महाप्रभु महंत सुखदेव दास, महंत भगवानदास खाकी, महंत गोपाल दास, महंत दिव्यराम दास, महंत कामधेनु बाबा, महंत रामछबीला दास, स्वामी अमित दास, महंत दुर्गादास, महंत प्रहलाद दास आदि संत जन मौजूद रहे।