राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020ः संभावनाएं, चुनौतियां और उसका प्रभावी क्रियान्वयन पर बेवीनाॅर

 हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रोद्योगिकी संकाय में गुरुवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020ः संभावनाएं, चुनौतियां और उसका प्रभावी क्रियान्वयन शीर्षक पर एक राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली प्रधान सचिव डा. पंकज मित्तल ने उच्च शिक्षा के परिपेक्ष में नई शिक्षा नीति के विभिन्न घटकों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से भारतीय शिक्षा परिदृश्य में बड़े बदलावों का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है। यह एक ऐसी नीति है जिसको बनाने में ना सिर्फ शिक्षाविदों की सलाह ली गयी है बल्कि ग्राम पंचायत स्तर तक के लोगों के सुझावों को लिया गया है। उन्होंने कहा कि नयी शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ शिक्षा में नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। साथ ही भारतीय शिक्षा प्रणाली को वैश्विक प्रतिस्पर्द्धा के योग्य बनाना है। पाठ्यक्रम के बोझ को कम करते हुए छात्रों में 21वीं सदी के कौशल के विकास, अनुभव आधारित शिक्षण और तार्किक चिंतन को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री ने कहा की शिक्षा का मतलब सीखने-सिखाने की प्रक्रिया से है। शिक्षा ही वह बुनियाद है, जिससे व्यक्ति, समाज और देश की तरक्की सुनिश्चित होती है। कुलसचिव प्रो. वीके सिंह ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में देश के 235 शिक्षविदों ने प्रतिभाग किया। संचालन डा लोकेश जोशी तथा डा सुयश ने किया।


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