कोरोना के बहाने धार्मिक आयोजनों पर रोक लगा रही सरकार-स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

 राज्य सरकार और मेला प्रशासन पर श्रद्वालुओं को कुम्भ में आने से रोकने का लगाया आरोप

हरिद्वार। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि सरकार के लिए कोरोना राजनीतिक नहीं बल्कि धार्मिक बीमारी है। जहां चुनाव होते हैं वहां कोरोना बीमारी नहीं आती। कोरोना केवल धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों को ही प्रभावित करता है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने आरोप लगाया कि बेहद कठिन एसओपी जारी कर केंद्र व राज्य सरकार और मेला प्रशासन यात्रियों को कुंभ में आने से रोक रहे हैं। गुरुवार को नीलधारा तट पर शंकराचार्य के शिविर में पत्रकारों से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जमकर केंद्र व राज्य सरकार पर बरसे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राजनीतिक रैलियों में धन का लालच देकर लोगों को बुलाया जा रहा है। वहीं धार्मिक आयोजनों पर पाबंदिया लादी जा रही हैं। सरकार के इस दोहरे रवैये से साफ जाहिर होता है कि धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाने के लिए करोना का सहारा लिया जा रहा है। यात्रियों को कुंभ में आने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि लाकडाउन में भी शराब की दुकानें खुली रहीं और मंदिरों पर ताले लटके रहे। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनावों में मोदी के मंच पर लोग सट के खड़े हुए हैं, लाखों की भीड़ जमा हो रही है दो गज की दूरी कहीं पर भी दिखाई नहीं दे रही है, जब एक देश है और एक ही रोग है तो दो तरह के मापदंड केंद्र सरकार और राज्य सरकार क्यों अपना रही हैं। केंद्र की सरकार जिस तरह से बिहार और पश्चिम बंगाल में लोगों को करोना से बचा रही है उसी तरह से हरिद्वार के कुंभ में भी बचाने का काम करे। यदि वहां पर सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है तो कुंभ मेले में भी लोगों को भगवान भरोसे छोड़ देना चाहिए। बगैर किसी पाबंदी के लोगों को गंगा स्नान करने को हरिद्वार आने देना चाहिए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कुंभ स्नान के लिए लोग 12 वर्षो का इंतजार करते हैं। लेकिन सरकार की मंशा कुंभ स्नान कराने की नहीं हैं। मेला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि करोना के नाम पर लोगों को डराया जा रहा है। लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा हैं। सरकार व प्रशासन को रोड़ा अटकाने के स्थान पर समाधान खोजना चाहिए। उन्होंने बताया कि नीलधारा स्थित शंकराचार्य शिविर मेें शुक्रवार को अति हरिहर यज्ञ का शुभारंभ किया जा रहा है।ं यज्ञ में 131 ब्राह्मणों के द्वारा 30 लाख आहुती डाली जाएंगी। आचार्य सुनील दीक्षित विद्वान ब्राह्मणो के साथ यज्ञ  प्रारम्भ करेंगे। इसके उपरांत 13 अप्रैल से चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जायेगा। जिसमें 351 ब्राह्मण धनंजय शस्त्री के आर्चायत्व में यज्ञ करेंगे। इसके बाद तीन दिन का अनुष्ठान भी किया जायेगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने बताया कि शुक्रवार दो अप्रैल को जगद्गुरु शंकराचार्य मेरठ से हरिद्वार आयेंगे। वें कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में ठहरेंगे। 8 अप्रैल को मंगल प्रवेश यात्रा में ढोल, नगाड़ो, बैंड बाजो के साथ कुंभ मेला शिविर में प्रवेश करेंगे।


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