पूरे शाही अंदाज में विभिन्न अखाड़ो के संतो ने किया गंगा स्नान

 हर हर महादेव,हर हर गंगे के जयकारों से गुजायमान रहा वातावरण,सुरक्षा के खास इंतजामात

हरिद्वार। वैश्विक महामारी के बीच कुम्भ मेला 2021 का मुख्य शाही स्नान पर्व के मौके पर सभी तेरह अखाड़ो के साधु संतो के साथ लाखों श्रद्वालुओं ने गंगा में डुबकी लगाते हुए सुख समृद्वि की कामना की। इस दौरान हर की पैड़ी सहित विभिन्न घाटों पर सुरक्षा के खास इंतजामात रहे। संख्या के लिहाज से इस बार श्रद्वालुओं की संख्या काफी कम रही। बुधवार को मेष संक्रांति और वैशाखी के मौके पर दूसरे शाही स्नान पर्व के मौक पर रात 12 बजे से से ही श्रद्धालु स्नान पर पुण्य लाभ कमाने को हर की पैड़ी समेत आसपास के गंगा घाटों पर पहुंचने लगे। बुधवार को सबसे पहले श्रीपंचायती निरजनी अखाड़ा के साथ श्रीआनंद अखाड़ा के साधुओं ने गंगा स्नान किया। उसके बाद श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के साथ आवाहन,अग्नि,किन्नर अखाड़ा के संतो ने किया स्नान,फिर महानिर्वाणी अखाड़ा के संतो ने डुबकी लगाई। इसके बाद बड़ा अखाड़ा उदासीन एवं इसके बाद नया अखाड़ा उदासीन तथा सबसे बाद में श्रीनिर्मल पंचायती अखाड़ा ने किया गंगा स्नान किया। 13 अखाड़ों के स्नान शाही स्नान के चलते श्रद्धालु रोक-टोक से पहले ही हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड पर स्नान कर लेना चाह रहे थे। मेला पुलिस प्रशासन कड़ी सुरक्षा में एक-दो डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी से अन्य घाटों की ओर भेज रहा था। दिन चढ़ने के साथ ही हरकी पैड़ी को पूरी तरह अखाड़ों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।  कोरोना काल में कुंभ होने के कारण केंद्र सरकार की ओर से भले ही एसओपी जारी की गई, प्रशासन ने कड़े बंदोबस्त किए हैं। श्रद्धालुओं को हरिद्वार में प्रवेश भी कोविड की नेगेटिव रिपोर्ट ओर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद दिया गया। बावजूद इसके आस्था के सामना कोरोना की लाख बन्दिशें बौनी नजर आई। वैसे तो हरकी पैड़ी सभी गंगा घाटों पर कुम्भ स्नान का क्रम शुरू हो गया था। सुबह 7 बजे अखाड़ों के शाही स्नान के तय समय को देखते हुए हर की पैड़ी को आरक्षित करने का सिलसिला शुरू किया गया। हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को एक-दो डुबकी लगाने के बाद दूसरे गंगा घाटों पर भेजना शुरू किया गया। लेकिन, श्रद्धालुओं श्रद्धा और आस्था के संगम को देखकर मानों ऐसा लग रहा था कि कोरोना की बन्दिशें खत्म हो गई हो। कड़ी सुरक्षा के चलते दिन चढ़ने के साथ ही यात्रियों को हर की पैड़ी जाने से रोकना शुरू कर दिया गया। ऐसे में यात्रियों ने दूसरे गंगा घाटों पर ही पुण्य की डुबकी लगाई। साथ ही दान आदि कर पितरों को याद भी किया।बुधवार को कुंभ 2021 के मुख्य शाही स्नान पर्व शांतिपूर्ण सम्पन्न हो गया। इस वर्ष वैश्विक महामारी के बीच कुम्भ मेला का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बैसाखी स्नान पर्व संपन्न हो गया है। इसी के साथ चर्चाएं चल निकली हैं कि सरकार कुंभ मेला समय से पहले समाप्त कर सकती है। हालांकि नोडल विभाग और शहरी विभाग में अभी ऐसी कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि कुंभ का मुख्य स्नान बुधवार को समाप्त हो गया है। इस कारण फोर्स की वापसी एक दो दिन में शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि अब 30 अप्रैल तक केंद्रीय बलों सहित आधा फोर्स ही हरिद्वार में रहेगा, शेष बल अपने अपने पड़ाव पर वापस लौट जाएंगे।  डीजीपी ने बताया कि बुधवार को बीते 12 अप्रैल के स्नान के मुकाबले कम भीड़ रही। इससे आने वाले दिनों में भी भीड़ सामान्य रहने के आसार है। जिसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। 



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