शाही स्नान के लिए तय समय से विलम्ब होने से नाराज बड़ा अखाड़ा का हाइवे पर धरना

अपर मेलाधिकाीर ने मौके पर पहुचकर नाराज संतो को मनाकर स्नान के लिए भेजा

हरिद्वार। कुम्भ मेला 2021 के प्रथम शाही स्नान के दौरान अपने लिये निर्धारित समय में दूसरे अखाड़े के संतो द्वारा स्नान करते देख बड़ा अखाड़ा उदासीन के संतो ने आक्रोश जताते हुए श्रीमहंत महेश्वरदास की अगुवाई में अखाड़ा के संत हाइवे पर ही धरना देकर बैठ गये। मेला प्रशासन की व्यवस्थाओं से नाराज श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन ने नाराज होकर शाही स्नान करने से इनकार करते हुए मेलाधिकारी को हटाने की मांग करने लगे। बाद में अपर मेलाधिकारी हरबीर ंिसंह ने मौके पर पहुचकर नाराज संतो को मनाकर स्नान के लिए भेजा। बताया जाता है कि मामले को लेकर मंगलवार को मेला प्रशासन के साथ अखाड़े की बैठक होगी। बड़ा अखाड़ा उदासीन के संतो के धरने पर बैठने के बाद मेला प्रशासन की तैयारियांे पर प्रश्न उठने लगे है। खास बात यह है कि जिस समय अखाड़ो का स्नान क्रम चल रहा था,उस समय पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार एवं मेला पुलिस महानिरीक्षक स्वयं हर की पैड़ी पर मौजूद रहकर संतो के स्नान के लिए निर्धारित समय पर नजर रख रहे थे।  सोमवार को सोमवती अमास्या स्नान पर्व यानि कुम्भ मेला के प्रथम शाही स्नान के दिन स्नान क्रम पूर्व में ही मेला पुलिस महानिरीक्षक द्वारा निर्धारित किया गया था,लेकिन बताया जाता है कि हर की पैड़ी पर निर्धारित समय के बिगड़ने के कारण अन्य अखाड़ा के संतो के स्नान के कारण पहले बडा अखाड़ा उदासीन को छावनी से निकालने से पूर्व ही कुछ समय रोका गया,और जब तय समय से विलम्ब के बाद श्रीपंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन के संत पहुचे तो स्नान के लिए तय समय निकल जाने के बाद भी दूसरे अखाड़े द्वारा स्नान करते देख नाराज अखाड़ा के संतो ने मेला प्रशासन के प्रति नाराजगी जताते हुए शाॅल पुल के पास ही धरने पर बैठ गये। संतो के घरना पर बैठने की सूचना मिलते ही अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह मेला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुचकर संतो को मनाने में जुट गये। बताया जाता है कि मेला प्रशासन द्वारा स्नान क्रम निर्धारित करते हुए श्री बड़ा अखाड़ा उदासीन का स्नान का क्रम पांचवा दिया,बड़ा अखाड़ा उदासीन को अपनी छावनी से 12बजे स्नान के लिए प्रस्थान करना था,उन्हे ब्रहम कुण्ड पर 2बजकर 50 मिनट पर पहुचकर 3बजकर 30मिनट तक स्नान का समय निर्धारित था,जिसके बाद उन्हे वापस अपनी छावनी में प्रस्थान करना था। बताया जा रहा है कि पहले तो अखाड़ा को छावनी से निकलने के लिए निर्धारित समय से विलम्ब कराया और जब बिलम्ब के बाद भी पहुचे तो बड़ा अखाड़ा उदासीन के संतो की शाही सवारी जब शाॅल पुल पहुचे तो उस समय बैरागी अखाड़े के संत ही ब्रहम कुण्ड में स्नान कर रहे थे। इस बात से नाराज बड़ा अखाड़ा के संतो श्रीमहंत महेश्वरदास,कुम्भ मेला प्रभारी महंत दुर्गादास,के साथ संत प्रेमदास,जैनेन्द्र दास,ब्रहममुनि,श्यामदास सहित कई संतो ने नाराजगी जताते हुए वही हाइवे पर ही धरने पर बैठ गये। संतो के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही मौके पर अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने संतो को मनाकर स्नान के लिए हर की पैड़ी भेजा।


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