बैरागी अखाड़ों के तीनों आणियों की धर्मध्वजा विधि-विधान के साथ स्थापित

 

हरिद्वार। बैरागी अखाड़ों के तीनों आणियों की धर्मध्वजा विधि-विधान के साथ स्थापित हुई है। इसके साथ ही बैरागी संतों के कुंभ को लेकर धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। कनखल स्थित बैरागी कैंप में शुक्रवार को तीनों बैरागी अणियों की धर्मध्वजा स्थापित की गई। इस अवसर पर सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि सहित कुंभ मेला अधिकारी दीपक रावत, आइजी संजय गुंज्याल भी मौजूद रहे। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने कहा कि आज तीनों बैरागी अखाड़े निर्वाणी, निर्मोही और दिगंबर अणि अखाड़ों की ध्वजा स्थापित की गई है। इसके साथ ही अखाड़ों में कुंभ की शुरुआत भी हो गई। वहीं, निर्मोही अणि अखाड़े के श्रीमहंत राजेंद्र दास ने बताया कि आज से धर्म ध्वजा के नीचे ही सभी कार्य किए जाएंगे। विधिवत तौर से आज से ही निर्मोही अखाड़े के कुंभ की शुरुआत हुई है। हमारे सभी साधु महात्मा हरिद्वार पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि हमारे ईष्ट देव हनुमान जी हैं। इसलिए हमने आज धर्म ध्वजा में हनुमान जी को आराध्य मानकर स्थापना की है। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़े में धर्म ध्वजा फहराने के बाद श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति का शिखर उत्सव कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा आयोजन है। आज से बैरागी संतों का कुंभ प्रारंभ हो गया है। धर्म ध्वजा के नीचे ही सभी धार्मिक कार्य संपन्न किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हनुमान जी वैष्णव अखाड़ों के इष्ट देव हैं। इसलिए हनुमान जी को आराध्य मानकर धर्म ध्वजा स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि हनुमान जी महाराज के आशीर्वाद से कुंभ मेला दिव्य और भव्य रुप से संपन्न होगा। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा है कि लोक आस्था का महापर्व कुंभ मेला भारतीय संस्कृति की छटा से पूरे विश्व को आलोकित करता है। मेला अधिकारी दीपक रावत ने कहा कि संत महापुरुषों और मेला प्रशासन के समन्वय से कुंभ मेला सकुशल संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालु भक्त कोविड-19 नियमों का पालन अवश्य करें। कुंभ मेला आईजी संजय गुंज्याल ने कहा कि देश दुनिया से बड़ी संख्या में कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालु भक्त हरिद्वार आगमन करते है।ं जिनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी के लिए मेला प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि कोरोना नियमों का पालन करते हुए मास्क अवश्य लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। इस अवसर पर ब्रह्मस्वरूप स्वरूप ब्रह्मचारी, बाबा हठयोगी, महंत विष्णुदास, महंत दुर्गादास, महंत रामशरण दास, स्वामी सांवरिया बाबा, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत बापू महाराज आदि संत महापुरूष मौजूद रहे।  महंत दुर्गादास ने बताया कि 6 अप्रैल को तीनो अनी अखाड़ो की पेशवाई भूपतवाला स्थित वैष्णों देवी आश्रम से निकाली जाएगी। जिसमें हजारों वैष्णव संत भाग लेंगे। इस दौरान महंत दुर्गादास महाराज, महंत रामशरण दास, महंत रामजी दास, महंत मोहनदास खाकी, महंत भगवान दास खाकी, महंत विष्णुदास, महंत रामकिशोर दास शास्त्री, महंत दुर्गादास, महंत रघुवीर दास, महामण्डलेश्वर सांवरिया बाबा, महंत रामदास, महंत हिटलर बाबा, महंत रामप्रवेश दास, महंत हरिदास, म.म.बालकदास महात्यागी, महंत प्रेमदास, महंत सूरजदास, महंत राजेंद्रदास, महंत सुमित दास, महंत अवध बिहारी दास आदि मौजूद रहे।