निजी स्कूलों पर ट्यूशन फीस के अलावा अतिरिक्त शुल्क लेने का आरोप

 हरिद्वार। आम आदमी पार्टी नेता नवीन चंचल एडवोकेट ने कहा कि उत्तराखंड में कोरोना वायरस तेजी से पैर पसार रहा है। जिसका असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा हैं। बच्चें संक्रमण की चपेट में न आए इसलिए सरकार द्वारा ऐहतियात के तौर पर सरकारी व गैरसरकारी स्कूलों को बंद करा दिया गया हैं। 1 से 5 वीं कक्षा तक के स्कूल पहले से ही बंद चल रहे हैं। इस सत्र में स्कूल खुलने की कुछ उम्मीद थी। परन्तु कोरोनावायरस के तेजी से फैलते संक्रमण के कारण वह भी टूटती हुई दिख रही हैं। अचानक कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार द्वारा स्कूलों को दोबारा बंद करना पड़ा। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और स्कूलों पर शिक्षकों के वेतन व अन्य खर्चों का भार न पड़े इसके लिए सरकार द्वारा स्कूलों को राहत देते हुए आनलाईन कक्षाएं संचालित किए जाने पर केवल ट्यूशन फीस अभिभावकों से लेने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन इसी बीच नये सत्र से कुछ प्राईवेट स्कूल मनमाने ढंग से आनलाईन माध्यम से पढ़ने के लिए उपयोग किये जा रहें स्कूल के सोशल एप व एप पर डाऊनलोड होने वाली स्कूल सामग्री के नाम पर 300 से 400 रूपए अतिरिक्त शुल्क लगाकर ट्यूशन फीस के साथ बढ़ाकर अभिभावकों से ले रहे हैं। जबकि मात्र ट्यूशन फीस लेने का शासन का आदेश वर्तमान में भी लागू हैं। कोरोनाकाल में आम आदमी पहले से ही बेरोजगारी की समस्या से परेशान है तथा लोगों के पास कमाने का अन्य कोई स्रोत भी नहीं रहा है। ऊपर से किसी न किसी बहाने महंगी शिक्षा के साथ अतिरिक्त चार्ज लगाकर फीस भरने का दबाव प्राईवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर दिया जा रहा हैं। आम आदमी पार्टी सरकार से मांग करती हैं कि अभिभावकों से केवल शासन द्वारा जारी ट्यूशन फीस लेने के आदेश का पालन जिला शिक्षा अधिकारी की निगरानी में सख्ती के साथ कराया जाए। ताकि कोरोनाकाल में प्राईवेट स्कूल अपनी मनमानी न कर सके और अभिभावकों को राहत मिले।


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