कुम्भ के पहले दिन शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने किया गंगा पूजन,सकुशल आयोजन की कामना

 

हरिद्वार। हरिद्वार में करीब एक माह तक चलने वाले कुम्भ मेले का गुरूवार को आगाज हो गया। कुम्भ के प्रथम दिन गोवर्धन पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने विधि विधान से गंगा पूजन कर कुम्भ के सकुशल आयोजन की कामना की। पूजन के दौरान तीनों अनी अखाड़े के श्रीमहंत और सैकड़ों साधु-संतो के साथ भारी संख्या में विद्वान ब्रह्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में भी उत्तराखंड सरकार और साधु संतो के प्रयास से कुम्भ का आयोजन होना एक सराहनीय कार्य है। इसके लिए उन्होंने उत्तराखंड सरकार के प्रति धन्यवाद भी ज्ञापित किया। शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने कहा कि आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। ऐसे में कुम्भ का आयोजन एक बड़ा ही साहसिक कदम है। उन्होंने कहा कि संकट काल में धर्म की कड़ी परीक्षा होती है। इस कठिन समय में भी कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए जप-तप के महानुष्ठान सम्पन्न होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कुम्भ मेले में साधु-संतों द्वारा संपन्न किये जाने वाले यज्ञ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों से पूरी दुनिया को कोरोना से मुक्ति मिलेगी। जगद्गुरु अधोक्षजानंद देवतीर्थ ने कहा कि मां गंगा त्रिपथ गामिनी हैं और कुम्भ की आधार हैं। कुम्भ आयोजन के प्रथम दिन उनकी पूजा से प्राप्त फल अवश्यमेव कल्याणकारी होगा। उन्होने कहा कि कुंभ विश्व का सबसे बड़ा समागम है जिसमें आस्था का सैलाब आता है। मेले का इंतजार लंबे समय तक करना पड़ता है तथा यहीं से भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार होता है। उन्होने कहा कि कुंभ मेला भव्य, दिव्य एवं सुरक्षित हो मां गंगा से यही प्रार्थना है। इससे पहले शंकराचार्य ने निर्वाणी अनी अखाड़े के श्रीमहंत धर्मदास, निर्मोही अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास और दिगम्बर अनी अखाड़े के श्रीमहंत किशन दास तथा सैकड़ों साधु-संतों व महामंडलेश्वरों के साथ कनखल में गंगा मां की विधि विधान से पूजा अर्चना की। विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ सम्पूर्ण अनुष्ठान संपन्न कराया। वैदिक मंत्रों के बीच श्रद्धालुओं द्वारा किये जा रहे जय घोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा था। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कुम्भ मेला सुरजीत सिंह पवार और कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पूजन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।