सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष ने किया बस्ती का आकस्मिक निरीक्षण

 हरिद्वार। उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की टीम द्वारा कुंभ मेले में कार्य कर रहे सफाई मजदूरों की अस्थाई बस्तियों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। टीम में राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष अमीलाल वाल्मीकि एवं सदस्य पूनम वाल्मीकि शामिल थी। उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष अमीलाल वाल्मीकि ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कुंभ मेले के लिए जो मानक तय किए थे। उसको पूरा करने में सफाई कार्य में लगी एजेंसियां पूरी तरह फेल हैं। एक बस्ती जो बिल्कुल जंगल के समीप है। वहां पर जंगली जानवरों का आने का खतरा बना रहता है, जो बस्तियां है वहां पर उनके रहने के लिए टेंट, बिजली, पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। महिलाएं शोच, नहाने आदि के लिए खुले स्थानों पर निर्भर हैं। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों के बैंक अकाउंट नहीं खुले हैं। सरकार द्वारा जो सुविधाएं सफाई कर्मचारियों को उपलब्ध करायी जानी हैं। उन सुविधाओं से इन कर्मचारियों को वंचित रखा गया है। कर्मचारी जिन टाट पट्टीयों में रह रहे हैं। वह भी कर्मचारियों द्वारा स्वयं ही व्यवस्था की गई है। उनके रहने के लिए कोई मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। कर्मचारियों को सैनिटाइजर, मास्क आदि भी नहीं दिए जा रहे हैं। जल्द ही मेला अधिकारी से मिलकर इसका समाधान किया जाएगा। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्या पूनम वाल्मीकि ने कहा की ऐसी जानकारी मिल रही हैं कि सफाई मजदूरों का वेतन नगद दिया जा रहा है। जबकि सरकार द्वारा कर्मचारियों का वेतन बैंकों से भुगतान किया जाना तय किया गया है। जिससे अशिक्षित सफाई मजदूरों के साथ कोई गड़बड़ी ना हो सके। इस अवसर पर श्रमिक नेता सुरेंद्र तेस्वर, राजेंद्र चुटेला, राजेश छाछर, अशोक तेश्वर, आंनद कांगड़ा, नरेश चनयाना, नितिन तेश्वर, कन्हैया चंचल, सुशील वाल्मीकि, प्रवीण वाल्मीकि, राजकुमार आदि शामिल रहे।