महामारी के दौर में पुलिस का मानवीय चेहरा आया सामने,पुलिस का रवैया काबिलेतारीफ

 हरिद्वार। इस समय जबकि देश के समस्त राज्यों में करोना जैसी भयंकर बीमारी फैली हुई है। महामारी के कारण सभी कही न कही परेशान है। दिन प्रतिदिन इस बीमारी ने विकराल रूप धारण कर रखा है। संक्रमण से बचने के लिए जहां हर व्यक्ति अपने घर में कैद हो गया है।  लेकिन पुलिस कानून व्यवस्था के साथ साथ आज आमजन की रक्षा करने व समस्या के निदान हेतु हेतु 24 घंटे दिन रात लगातार जनसमस्याओं के लिए तत्पर है। संकट के इस दौर में पुलिस ही है जो कि आमजन की मदद कर रही है जो लोग दिन प्रतिदिन पुलिस के लिए अफवाह फैलाते हैं आज वह अपने घरों में कैद हो रखे हैं आज वह लोग नहीं कह रहे हैं कि पुलिस ही हम सबकी मदद कर रही है ,आज पुलिस ने सीनियर सिटीजन से लेकर आम आदमी तक की सेवा कर रही है  अन्य सरकारी विभाग की डयुटी समय की तय सीमा हैं ,वही पोलिस विभाग के एक एक कर्मचारी औसतन 16 घंटे कार्य करते हैं, इस संबंध में कमल कुमार अग्रवाल प्रदेश मीडिया प्रभारी उत्तराखंड ने बताया कि पुलिस वाले अपने परिवार से दुर रहकर अनुशासन में देश की सेवा कर रहे हैं  उनके साथ आये दिन अपराधीयो से मुठभेड़ होती हैं उनके ऊपर हमले होते हैं लेकिन कोई आवाज नही उठाता वही किसी आरोपी को थोडा सा लग जाये तो  लोग तुरंत पुलिस के खिलाफ खडे हो जाते हैं।  जहां पुलिस  अनुसाशन और नियम का पालन करता है लेकिन उनकी सुरक्षा और सुविधा राम भरोसे कब तक रखा जायेगा पुलिस विभाग ही एक  ऐसा सरकारी विभाग हैं जिसमें मानसिक तनाव में सबसे ज्यादा आत्महत्या होती हैं पुलिस आज अपना घर परिवार छोड़कर देश की सेवा कर रही है। राष्ट्रीय लेवल गगन,महेन्द्र और दिपक के साथ उत्तराखण्ड होने शर्मा ने चिंता व्यक्त किया हैं।


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