वैष्णव अखाड़ों ने की बैरागी कैंप से अतिक्रमण हटाने की मांग

 

हरिद्वार। श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़ा, श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़ा और श्रीपंच दिगम्बर अणि अखाड़े के श्रीमहंतों ने राज्य सरकार से बैरागी कैम्प में अवैध अतिक्रमण हटाने और 12 साल तक भूमि की देखभाल करने की माँग की है। तीनो बैरागी अनी अखाड़ों के श्रीमहंतों ने कुम्भ मेला आईजी संजय गुंज्याल के समक्ष भी अगले कुंभ के आयोजन तक बैरागी कैंप की देखरेख करने की मांग की है। श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्रदास महाराज ने कहा कि प्रत्येक 12 वर्ष के उपरांत हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन होता है। अनादि काल से ही कुंभ मेले के दौरान बैरागी अखाड़ों के शिविर व खालसों की छावनियां बैरागी कैंप में ही स्थापित होते हैं। लेकिन लगातार हो रहे अतिक्रमण के चलते वैष्णव अखाड़ो के लिए आरक्षित बैरागी कैंप की भूमि का क्षेत्रफल कम होता जा रहा है। इसको देखते हुए सरकार को ठोस नीति बनाकर बैरागी कैंप को अतिक्रमण से बचाना चाहिए। जिससे आने वाले कुंभ मेले में वैष्णव संतों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। श्रीपंच निर्वाणी अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास महाराज व श्रीपंच दिगम्बर अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत कृष्णदास महाराज ने कहा कि प्राचीन काल से ही बैरागी कैंप वैष्णव अखाड़ों के लिए आरक्षित रहा है। प्रत्येक कुंभ में तीनो वैष्णव अखाड़ों के देश भर से आने वाले संत महापुरूष बैरागी कैंप में ही प्रवास करते हैं। लेकिन अतिक्रमण के चलते कुंभ में आने वाले संतों को शिविर स्थापना के लिए भूमि आवंटन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। इसको देखते हुए सरकार और प्रशासन को उचित कदम उठाने चाहिए। जिससे भविष्य में वैष्णव अखाड़ों को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े। बैरागी संतो की मांग को जायज बताते हुए आईजी संजय गुंज्याल ने कहा कि बैरागी कैम्प क्षेत्र की ड्रोन कैमरे से वीडियो ग्राफी कराई जाएगी। इस रिकॉर्ड को सरकार को भी भेजा जाएगा। इसके अलावा एक कमेटी का गठन भी किया जाएगा जिसमे मेला प्रशासन, जिला प्रशासन और तीनो बैरागी अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कमेटी का प्रयास रहेगा कि किसी भी हालत में बैरागी कैम्प में अतिक्रमण न हो। श्रीपंच निर्वाणी अनी अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव महंत गौरीशंकर ने कहा कि सरकार, कुंभ मेला प्रशासन व जिला प्रशासन को बैरागी कैंप को अतिक्रमण से बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। जिससे अगले कुंभ मेले में अपने शिविर स्थापित करने में वैष्णव अखाड़ों व खालसो को किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। इस अवसर पर महंत रामजी दास, महंत रामशरण दास, महंत नरेंद्र दास, महंत महेश दास, नागा महंत सुखदेव मुनि, महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा, श्रीमहंत अशोक दास, श्रीमहंत सुरेश दास, श्रीमहंत देवनाथ दास शास्त्री, महंत रामदास, महंत मोहन दास खाकी, महंत भगवान दास खाकी, महामंडलेश्वर सेवा दास, महामंडलेश्वर साध्वी साधना दास, महंत अमित दास, महंत अरुण दास, महंत प्रह्लाद दास, महंत सूरज दास, महंत जनार्दन दास आदि संत महंत भी उपस्थित रहे। 


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