दुनिया के कल्याण के लिए हमें अपने प्रयासों को निरंतर बनाए रखना होगा-मोहन भागवत

 

हरिद्वार। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गंगा घाटों पर बने राजा भगीरथ गंगा मां, और कई प्रतिमाओं का भी लोकापर्ण किया। कार्यक्रम में संघ के कई वरिष्ठ कार्यकत्र्ता,उत्तराखंड के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक, और आर एस एस संघ के कार्यकर्ता ओर प्रेम प्रकाश मंडल के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। रविवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अपने दो दिवसीय दौरे पर हरिद्वार पहुचे। यहा उन्होने गंगा में बने कई घाटों,व अन्य सामाजिक संगठनो द्वारा निर्माणाधीन कार्यो के अलावा शंकराचार्य चैक के नजदीक बने अमरापुर घाट का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के जरिये धर्म को जानने और समझने की कोशिश कर रही है। हमारे महापुरुषों ने पूरी दुनिया को सनातन हिंदू धर्म की उत्कृष्टता और अलौकिकता का दर्शन कराया। इसलिए हमारा यह कर्तव्य बनता है कि हम अपने आचरण विचार से दुनिया को सही रास्ता दिखाएं और देश को विश्व गुरु बनाएं। उन्होंने दशवासियों से आह्वान किया कि दुनिया के कल्याण के लिए हमें अपने प्रयासों को निरंतर बनाए रखना होगा आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र में प्रेम नगर आश्रम चैक और शंकराचार्य चैक के पास सतनाम साक्षी घाट, भारत माता, शौर्य स्मारक, अमरापुर घाट और दीप स्तंभ का अवलोकन व लोकार्पण किया। इसके बाद स्वामी सर्वानंद घाट पर गंगा पूजन के बाद कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश को धर्म, संस्कृति और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले अनेकों महापुरुष पैदा हुए, जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से पूरी दुनिया को प्रेरणा दी, राह दिखाई। इस देश का मस्तक पूरी दुनिया में ऊंचा उठाया। अपने ज्ञान, तप, तेज, त्याग और बलिदान से देश को विश्व गुरु बनाया। उन्होंने कहा कि हमें अपने गौरवशाली इतिहास और वीर पुरुषों को नहीं भूलना चाहिए। उनको हमेशा याद और नमन करना चाहिए।   आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा कि आज जब हम देश की सीमा के भीतर सुख-चैन के साथ अपना कार्य कर पाते हैं, चैन की नींद सो पाते हैं, अपने परिवार और बच्चों का रक्षा कर पाते हैं। तो उसकी असल वजह यही है कि सीमा पर हमारे देश के वीर जवान हमारी रक्षा को अपना सर्वस्व बलिदान करने के लिए हर वक्त चेतन, सजग और सतर्क रहते हैं। हमारा कर्तव्य है ऐसे महापुरुषों, वीर जवानों की इस तपस्या को आगे ले जाएं और उसका अनुसरण करें। दुनिया को यह दिखा देना चाहिए कि हम बलिदान देने में पीछे नहीं हैं।     


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