Skip to main content

चैत्रपूर्णिमा के मौके पर कम ही संख्या में श्रद्वालुओं ने लगाई डुबकी

 

हरिद्वार। विश्वव्यापी महामारी के बीच कुंभ मेला 2021 के अन्तिम शाही स्नान चैत्र पूर्णिमा के  पर कम संख्या में श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाते हुए मन्दिरों में पूजा अर्चना की। कई श्रद्वालुओं ने गंगा स्नान के बाद गंगा पूजन करने के बाद वह दान कर पुण्य लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। श्रद्धालु गंगा स्नान कर घाट पर स्थित मंदिरों में पूजा अर्चना कर पुण्य की कामना मां गंगा और अपने आराध्य देवी देवताओं से कर रहे हैं। साथ ही भगवान से कोरोना महामारी के खात्मे की भी प्रार्थना कर रहे हैं। जिससे लोगों का जीवन सुरक्षित, स्वस्थ और सुखमय बन सके। कोरोना संक्रमण के चलते हरकी पैड़ी सहित  सभी गंगा घाटों पर अपेक्षाकृत भीड़ काफी कम है। हर की पैड़ी ब्रह्मकुंड पर सुबह नौ बजे तक आम श्रद्धालु स्नान करेंगे। इसके बाद इसे अखाड़ों के संत महात्माओं के निमित्त स्नान के लिए आरक्षित कर दिया जाएगा। शाही स्नान सबसे पहले निरंजनी अखाड़ा करेगा। उसके बाद अन्य संन्यासी अखाड़े करेंगे। संन्यासी अखाड़ों ने शाही स्नान के लिए अधिकतम 100 संत महात्माओं के ही जाने की घोषणा की है। कोविड संक्रमण के चलते संन्यासी अखाड़ों ने अंतिम शाही स्नान पूर्णिमा को सीमित संख्या में स्नान करने की घोषणा की थी।


Comments

Popular posts from this blog

गौ गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया

  हरिद्वार। कुंभ में पहली बार गौ सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा राजस्थान की ओर से गौ महिमा को भारतीय जनमानस में स्थापित करने के लिए वेद लक्ष्णा गो गंगा कृपा कल्याण महोत्सव का आयोजन किया गया है।  महोत्सव का शुभारंभ उत्तराखंड गौ सेवा आयोग उपाध्यक्ष राजेंद्र अंथवाल, गो ऋषि दत्त शरणानंद, गोवत्स राधा कृष्ण, महंत रविंद्रानंद सरस्वती, ब्रह्म स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। महोत्सव के संबध में महंत रविंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गौ महिमा को भारतीय जनमानस में पुनः स्थापित करना है। गौ माता की रचना सृष्टि की रचना के साथ ही हुई थी, गोमूत्र एंटीबायोटिक होता है जो शरीर में प्रवेश करने वाले सभी प्रकार के हानिकारक विषाणुओ को समाप्त करता है, गो पंचगव्य का प्रयोग करने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत होता है रोगों से लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वैश्विक महामारी ने सभी को आतंकित किया है। परंतु जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है। कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। उन्होंने गो पंचगव्य की विशेषताएं बताते हुए कहा कि वर्तमा

माता पिता की स्मृति में समाजसेवी राकेश विज ने किया अन्न क्षेत्र का शुभारंभ

हरिद्वार। समाजसेवी और हिमाचल प्रदेश प्रदेश के पालमपुर रोटरी क्लब के अध्यक्ष राकेश विज ने बताया कि महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधार्थ संत बाहुल्य क्षेत्र सप्त ऋषि आश्रम में अन्न क्षेत्र का शुभारंभ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के कर कमलों के द्वारा किया गया है। यह अन्न क्षेत्र पूरे कुंभ तक अनवरत रूप से चलेगा। उन्होंने बताया कि मानवता सबसे बड़ी पूजा है मानव धर्म ही हमें जोड़ता है। अन्नदान की परंपरा हमारी वैदिक परंपरा है। अन्न क्षेत्र का आयोजन उन्होंने अपनी माता त्रिशला रानी और पिता लाला बनारसी दास की स्मृति में कराया है। उन्होंने बताया कि गुरूद्वारा गुरू सिंह सभा में भी 7 मार्च से रोजाना लंगर का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च से इच्छाधारी नाग मंदिर बीएचएल हरिद्वार में भी अन्न क्षेत्र शुरू किया जाएगा। इसके अलावा कनखल स्थित सती घाट के समीप निर्माणाधीन गुरु अमरदास गुरुद्वारे और एसएमएसडी इंटर कॉलेज में पंडित अमर नाथ की स्मृति में बनने वाले पुस्तकालय में भी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के रास्ते पर चलकर ही हम देश को समृद्ध कर सकते है। इस अवसर पर सतपाल

हमारा हिंदुत्व ही हमारी पहचान है और धरोहर है- हीरा सिंह बिष्ट

  हरिद्वार। कमल मिश्र- हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की एक बैठक राज विहार फेस थर्ड जगजीतपुर हरिद्वार में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष संजय चैहान एवं संचालन महानगर महामंत्री चंद्रप्रकाश जोशी ने किया। बैठक में मुख्य अतिथि युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट एवं जिला अध्यक्ष मनीष चैहान रहे। इस अवसर पर हिंदू जागरण मंच संगठन में कुछ नए युवाओं को दायित्व सौंपकर फूल मालाओं से उनका स्वागत किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य प्रदेश महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने सर्वप्रथम सभी लोगों को होली की बधाई दी और संगठन में शामिल किए गए नए कार्यकर्ताओं का फूल मालाओं से स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारा भारत  देश एक हिंदूवादी राष्ट्र है। हमारा हिंदुत्व ही हमारी पहचान है और धरोहर है। लेकिन आज वर्तमान समय में देखने को मिल रहा है कि हमारी हिंदुत्व एकता धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। हमारा हिंदू राजनेताओं की राजनीति के जाल के कारण भटक चुका है हमको भारत के सभी हिंदू समाज में एकता करना ही हमारा मूल उद्देश्य है। हमें किसी राजनीतिक दल एवं पार्टी से को